साधुओं को तो कुटिया में रहकर और खुले आसमान के नीचे तपस्या करनी चाहिए
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श्री परोपकार मिशन के संस्थापक स्वामी प्रखर जी महाराज ने शनिवार को कानपुर में साधु और संतों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आजकल के ज्यादातर साधु-संत यज्ञ कराने के लिए चंदा करते हैं और उसी चंदे से अपना पेट भी भरते हैं। ऐसे यज्ञ का कोई फल भी नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि साधुओं का आश्रम बनवाने के लिए धन जमा करना भी उन्हें नहीं समझ आता। साधुओं को तो कुटिया में रहकर और खुले आसमान के नीचे तपस्या करनी चाहिए। लोग बच्चों को शिक्षा या नौकरी के लिए विदेश भेजकर गर्व महसूस करते हैं। वही बच्चे बाद में परिवार, समाज को नहीं पहचानते। सिर्फ पैसे का महत्व समझते हैं। बिजनौर में एक शादी समारोह में साध्वी द्वारा फायरिंग किए जाने के मामले में उन्होंने कहा कि साधु संतों का अस्त्र शस्त्र रखना शोभा नहीं देता।
फरवरी 2017 में शहर में प्रस्तावित कोटि लक्ष्मी महायज्ञ की पहली बैठक में पार्वती बांगला रोड स्थित कृष्ण धाम में पहुंचे प्रखर जी महाराज ने लोगों से देश की आर्थिक समृद्धि एवं सर्वांगीण विकास के लिए शहर मांगा। बैठक में सुरेश गुप्ता, मणिकांत जैन, विजय पंडित, रामजी त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
पाकिस्तानी चैनल, रोडियो कर रहे नोट बंदी की तारीफ
प्रखर महाराज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोटबंदी के फैसले की तारीफ पाकिस्तान के चैनलों और रेडियो पर हो रही है। देश के भ्रष्टाचार में डूबे लोग ही इसका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल खुद भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। हमें सोचना होगा कि हमने किस राजनेता को वोट दिया।