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Kanpur News: फॉल्ट से कई नगरों समेत 900 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप

Sun, 27 Sep 2026 12:18 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
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कानपुर देहात। तेज हवा संग हुई बारिश के चलते शुक्रवार शाम को कई उपकेंद्रों की बिजली आपूर्ति बेपटरी हो गई। हालात ये हुए कि रूरा, झींझक, डेरापुर, रसूलाबाद, राजपुर समेत छह नगरों व 600 गांवों की बिजली पूरी रात गुल रही। वहीं 300 गांवों की बिजली घंटों गुल रही। लगातार बारिश होने से शनिवार को अधिकांश फॉल्ट दुरुस्त नहीं हो सके। बिजली गुल रहने से पेयजल किल्लत रही और करीब पांच लाख की आबादी को परेशान होना पड़ा।
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जनपद में 47 उपकेंद्रों ने 2.75 लाख कनेक्शनों को बिजली आपूर्ति की व्यवस्था है। बृहस्पतिवार रात से शुरू हुई बारिश से हुए फॉल्ट से करीब 400 गांवों की बिजली गुल रही थी। शुक्रवार रात में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। कई जगह पोल टूट गए। वहीं पेड़ गिरने से बिजली लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई। पचास से अधिक बिजली पोल क्षतिग्रस्त होने का अनुमान है। झींझक, डेरापुर, रूरा, राजपुर, सट्टी कहिंजरी, रसूलाबाद समेत 13 उपकेंद्र अधिक प्रभावित हुए। अकबरपुर में फॉल्ट से करीब आठ हजार घरों में रात में करीब दो घंटे बिजली गुल रही। देर रात दो बजे बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। जैनपुर के पास दो पोल टूटने से राजपुर उपकेंद्र की बिजली करीब चार घंटे गुल रही।
राजपुर के कुसरजापुर के पास शुक्रवार देर रात 10 बजे 33 केवी हाईटेंशन लाइन का पोल गिर गया। इससे राजपुर व सट्टी उपकेंद्र ठप हो गए। वहीं, अफसरिया गांव में तालाब किनारे एलटी पोल पर पेड़ गिरने से पोल व तार टूट गए। राजपुर व सट्टी उपकेंद्र से जुड़े राजपुर नगर, अफसरिया, जल्लापुर, भाल, कमलपुर, जैनपुर, मदियापुर, कुंवरपुर समेत 52 गांवों की बिजली गुल रही। करीब छह घंटे में 33 केवी पोल बदला जा सका। इसके बाद अफसरिया में एलटी पोल व टूटे तारों को जोड़ा गया। करीब 17 घंटे बिजली गुल रही। पेयजल किल्लत रही। शनिवार दोपहर तीन बजे बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। अवर अभियंता राहुल साहू ने बताया कि बारिश के दौरान कई जगह फॉल्ट होने व पोल टूटने से बिजली आपूर्ति प्रभावित रही।
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इधर, बिल्हौर ग्रिड उपकेंद्र से आई मेन लाइन में फॉल्ट से रसूलाबाद नगर में करीब पांच हजार घरों में पूरी रात बिजली नहीं आई। कई जगह पोल टूटने व लाइनों पर पेड़ गिरने से यह स्थिति बनी। 25 घंटे बाद भी शनिवार शाम तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। जेई राजवीर सिंह ने बताया कि पेट्रोलिंग की जा रही है। फॉल्ट मिलने पर दुरुस्त किया जाएगा। लगातार बारिश की वजह से पेट्रोलिंग में बाधा आ रही है। कहिंजरी उपकेंद्र से जुड़े 50 गांवों की बिजली तीन पोल टूटने से 18 घंटे बाद भी बहाल नहीं हो सकी है। अवर अभियंता विनोद कुमार ने बताया तीन विद्युत पोल टूट गए हैं। जलभराव से हाइड्रा वहां तक नहीं पहुंच सकता है। प्रयास कर जल्द ही बिजली लाइन दुरुस्त की जाएगी।
मैथा उपकेंद्र से जुड़े बाघपुर फीडर में भी फॉल्ट से करीब 20 से अधिक गांवों की बिजली घंटों गुल रही। रसूलाबाद ग्रामीण उपकेंद्र में भी भैसायां फीडर के पोल टूट गए। अन्य जगह फॉल्ट होने से करीब 30 गांवों की बिजली देर शाम तक बहाल नहीं हो सकी। रूरा उपकेंद्र की मेन लाइन ब्रेक डाउन होने से शुक्रवार रात दस बजे गुल हुई नगर के छह हजार घरों व 100 गांवों की बिजली शनिवार को दूसरे दिन शाम पांच बजे तक बहाल नहीं हो सकी। पेयजल किल्लत से लोग परेशान रहे। इसी प्रकार बनीपारा उपकेंद्र से जुड़े 40 गांवों में भी करीब 15 घंटे से अधिक समय से बिजली गुल है।
इधर, झींझक में 33 केवी लाइनों में फॉल्ट के चलते झींझक नगर समेत करीब दो 200 की बिजली आपूर्ति 16 से 23 घंटे तक गुल रही। बिजली उपकरण ठप रहे। पेयजल किल्लत भी रही। कठिका पारेषण केंद्र से पुराने विद्युत उपकेंद्र झींझक को आने वाली 33 केवी लाइन में कुंतलिया गांव के पास शुक्रवार रात करीब 10 बजे फाल्ट हो गया। इससे पुराने उपकेंद्र से जुड़े झींझक नगर समेत करीब 100 गांवों की बिजली गुल हो गई। बारिश के कारण फाल्ट तलाशने में कर्मियों को दिक्कत हुई। पेट्रोलिंग के बाद फाल्ट ठीक कर शनिवार दोपहर 2:33 बजे आपूर्ति बहाल की गई। इस तरह करीब 16 घंटे 33 मिनट तक बिजली गुल रही।
वहीं, न्यू विद्युत उपकेंद्र के औरंगाबाद फीडर की आपूर्ति शुक्रवार शाम 5:30 बजे, मंगलपुर फीडर की रात 8:25 बजे और अकारू फीडर की रात 9:10 बजे बंद हो गई। इससे मुंडेरा, सुरासी, गौरी, मंगलपुर, लगरथा, औरंगाबाद, परजनी, बान और शाहपुर समेत करीब सौ गांव प्रभावित रहे। फॉल्ट ठीक कराने के लिए पेट्रोलिंग जारी रही। शनिवार शाम करीब पांच बजे तक आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी थी। औरंगाबाद फीडर करीब 23 घंटे 30 मिनट, मंगलपुर फीडर 20 घंटे 35 मिनट और अकारू फीडर करीब 19 घंटे 50 मिनट से बंद है। एसडीओ डीपी गुप्ता ने बताया कि बारिश के दौरान कई जगह फॉल्ट हो गए हैं। तारों पर पेड़ों की डालियां आ गई हैं। फॉल्ट ठीक कराने का प्रयास किया जा रहा है।
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डेरापुर में 23 घंटे बाद बहाल हुई बिजली
डेरापुर। बारिश व हवा के चलते मेन लाइन में फॉल्ट से नगर व ग्रामीण उपकेंद्र शुक्रवार सुबह करीब तीन बजे ठप हो गए थे। इससे नगर व बिरिया, खल्ला, परौंख, नुनारी, उदनापुर, रतनियापुर, अगवासी, सलेमपुर, मौजपुर, लाड़पुर पेड़, बिजहरा, खजुर्रा समेत 100 गांवों में पेयजल किल्लत रही। रात में भी बिजली नहीं आई। इन्वर्टर दगा दे गए। लोगों के मोबाइल भी चार्ज नहीं हो सके। हालात ये हुए कि लोगों को अंधेरे में रात गुजारनी पड़ी। शनिवार दोपहर में करीब दो बजे नगर की बिजली आपूर्ति बहाल की जा सकी। जबकि ग्रामीण क्षेत्र की बिजली गुल रही। जेई अवधेश कुमार ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में भी बिजली आपूर्ति बहाल कराने का प्रयास हो रहा है। (संवाद)
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36 घंटे बाद भी बहाल नहीं हुई 228 गांवों की आपूर्ति
पुखरायां। दो दिनों से पांच उपकेंद्रों के लगभग 228 गांवों की सप्लाई ठप हैं। बारिश के साथ तेज हवा चलने के कारण कहीं पोल गिरे तो कहीं पेड़। इससे आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी और लोगों के सामने पानी का संकट बना रहा। बरौर लाइन के पांच पोल बारिश और तेज हवा के झोंके में गिर गए। मुरलीपुर, गुरुगांव लाइन में पर पेड़ गिर गए। देवीपुर फीडर की लाइन के इंसुलेटर भ्रष्ट हो गए। मुतैहरापुर, सिंगरसीपुर, नोनापुर, अकोढ़ी में लाइनों में फॉल्ट रहा। डीघ के रूपकिशोर तिवारी, अश्विनी शुक्ल, रामू सोनकर, कल्लू सोनकर, सिंगरसीपुर के जयदीप सिंह ने बताया कि विद्युत सप्लाई ठप रहने से घरों के इन्वर्टर ठप हो गए। सबसे ज्यादा पीने के पानी को लेकर परेशानी उठानी पड़ रही है। बरौर उपकेंद्र के अवर अभियंता प्रमोद कुमार ने बताया कि शनिवार को भी दिनभर बारिश के कारण रुक-रुककर काम कराया जाता रहा। शाम तक पूरी लाइन क्लियर नहीं हो सकी है। अधिशासी अधिकारी पुखरायां आलोक प्रकाश ने बताया बारिश और तेज हवा के कारण विद्युत आपूर्ति बाधित रही। जहां पर भी फॉल्ट हुए हैं वहां लाइनमैन काम कर रहे हैं। (संवाद)
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