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पांच सौ गांवों व पचास फैक्टरियों की बिजली गुल, परेशान हुए लोग

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फोटो संख्या-16एकेबीपी- 19 झींझक में बारिश से गिरी पड़ी बाजरा की फसल
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फोटो संख्या-16एकेबीपी- 20 हवा संग हुई बारिश से खेत में गिरी धान की फसल
दलहनी व तिलहनी फसलों को भारी नुकसान
तेज हवा व बारिश से धान, बाजरा व सब्जियों की फसल भी हुई प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
कानपुर देहात/पुखरायां। तेज हवा के साथ हुई अतिवृष्टि से गहराई वाले खेतों में जलभराव हो गया। हवा से धान व बाजरा की फसलें गिर गई। दलहनी व तिलहनी फसलों को भारी नुकसान हुआ है। बैगन को छोड़कर अन्य सब्जी की फसलें भी प्रभावित हुई हैं।
उरद, मूंग व तिल और अगेती लाही की फसल खराब हो गई। अरहर की फसल वाले खेत में पानी भराव से नुकसान की आशंका है। धान की फसल में इस समय बालियां निकलीं हैं। लगातार बारिश से परागण प्रभावित हो गया है। पराग कण नष्ट होने से उत्पादन गिरने की आशंका कृषि वैज्ञानिकों ने जताई है। वहीं फूल गोभी, पत्ता गोभी, पालक, तरोई, मूली, टमाटर व मिर्च आदि की फसलों को भी नुकसान हुआ है। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि दोपहर ढाई बजे तक कुल 58 मिली मीटर बारिश रिकार्ड की गई है। बुधवार की सुबह आठ बजे से गुरुवार की सुबह तक 34.40 मिलीमीटर बारिश हुई। इसके बाद दोपहर ढाई बजे तक 23.60 मिली मीटर और बारिश हुई है। अतिवृष्टि से दलहनी व तिलहनी फसलों को अधिक नुकसान हुआ है। धान में भी उत्पादन गिरने की आशंका है। नुकसान की सही स्थिति सर्वे के बाद सामने आएगी। पुखरायां निवासी किसान राजनारायण द्विवेदी, श्रीपाल सोनकर, अखिलेश सचान, रामबाबू यादव, हरिशचंद्र उपाध्याय ने बताया कि उरद, तिली, अरहर, ज्वार, मक्का, तोरई, कद्दू, लौकी, करेला आदि की फसल लगातार बारिश होने से प्रभावित हुई हैं। बारिश इसी तरह होती रही तो लाही और चने की बुआई भी प्रभावित होगी।
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पिछले दस सालों में 16 सितंबर को हुई बारिश
वर्ष बारिश (मिली मीटर में)
2011 00.00
2012 14.50
2013 00.00
2014 00.00
2015 05.50
2016 01.80
2017 00.00
2018 00.00
2019 00.00
2020 00.00
2021 34.40
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फोटो संख्या-16एकेबीपी- 21 गहिरा रोड पर पेड़ गिरने से टूटी विद्युत लाइन
फोटो संख्या-16एकेबीपी-22 बारा में आद्योगिक फीडर के टूटे पोल व तार
पांच सौ गांवों व पचास फैक्टरियों की बिजली गुल
-बारिश के चलते फाल्ट दुरुस्त करने का काम प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
कानपुर देहात। बारिश व तेज हवा चलने से कई स्थानों पर विद्युत लाइनें टूट गई। करीब पांच सौ गांवों में बिजली गुल रही। वहीं औद्योगिक फीडर बंद रहने से करीब पचास फैक्टरियां प्रभावित रहीं। लगातार बारिश होने से गुरुवार की शाम तक सभी फाल्ट दुरुस्त नहीं किए जा सके।
बारिश से गुरुवार को मेन लाइन ब्रेक हाउन होने से रूरा, कहिंजरी, रसूलाबाद, सरवनखेड़ा, सिकंदरा, राजपुर आदि उपकेंद्रों की बिजली आपूर्ति सबसे अधिक प्रभावित रही। कहिंजरी उपकेंद्र की गहिरा रोड पर लाइन में पेड़ गिरने से तार टूट गए। वहीं मेन लाइन ब्रेक डाउन हो गई। यहां से जुड़े करीब पचास गांवों की बिजली सुबह से गुल रही। शाम तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की जा सकी। औद्योगिक फीडर बारा व जैनपुर में बिजली के पोल व तार टूटने से करीब पचास फैक्टरियों की आपूर्ति प्रभावित हुई। रूरा उपकेंद्र से जुड़े कस्बा व पचास गांवों में सुबह तीन बजे गुल हुई बिजली शाम छह बजे तक बहाल नहीं हो सकी। सरवनखेड़ा व गजनेर उपकेंद्र की मेन लाइन ब्रेक डाउन होने से करीब 14 घंटे से सैंथा, गजनेर, सरवनखेड़ा, भैथाना, कृपारामपुरवा, कौसम, लोहारी, सेरूवा, खनपना, मनेथू समेत सौ गांवों की बिजली गुल रही। शिवली उपकेंद्र से जुड़े 75 गांवों की बिजली करीब सात घंटे बाधित रही। बुधवार की सुबह 4 बजे गुल हुई बिजली दोपहर करीब ग्यारह बजे बहाल हुई। डेरापुर में करीब चार घंटे बिजली गुल रही। जलापूर्ति न होने से लोग परेशान रहे। झींझक में सुबह चार बजे मेनलाइन ब्रेकडाउन होने से नवीन उपकेंद्र ठप रहा। इससे कस्बे के भोलानगर व लगरथा रोड मोहल्ला व सौ गांवों की बिजली गुल रही। करीब 13 घंटे बाद शाम को 4.30 बजे फाल्ट ठीक कराकर बिजली आपूर्ति बहाल की गई। मेनलाइन में फाल्ट से रसूलाबाद के 13 वार्डों की बिजली सुबह तीन बजे गुल हो गई थी। शाम तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। पेयजल संकट से लोग परेशान हुए। अधीक्षण अभियंता एके वर्मा ने बताया कि लगातार बारिश होने से फाल्ट दुरुस्त करने में अड़चन आ रही है। जहां संभव है लाइनों के फाल्ट दुरुस्त किए जा रहे हैं। टूटे खंभे व तार मौसम साफ होने पर बदले जा सकेंगे।
इंसेट-
फोटो संख्या- 16एकेबीपी- 23 राजपुर पीएचसी में पेड़ गिरने से टूटे तार। संवाद
तारों पर पेड़ गिरने से स्पार्किंग, सहमें कर्मी
राजपुर। पीएचसी में गेट के अंदर विद्युत तारों पर शीशम का पेड़ गिर गया। स्पार्किंग होने पर अस्पताल कर्मियों में अफरा तफरी मच गई। गनीमत रही कि कोई चपेट में नहीं आया। स्वास्थ्य कर्मी ने उपकेंद्र में सूचना देकर बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई। इधर बिजली गुल होने पर कम रोशनी में कमरे में टीकाकरण किया गया। (संवाद)
गांवों की विद्युत व्यवस्था धड़ाम
पुखरायां। लगातार बारिश से बुधवार की रात कस्बा व गांवों में बिजली सप्लाई ठप हो गई। इससे लोगों को अंधेरे में रात गुजारनी पड़ी। गुरुवार की सुबह कस्बों में फाल्ट ठीक कर सप्लाई चालू की गई। वहीं विद्युत उपकेंद्र के बरौर, असेवा, सिंगरसीपुर, अकोढ़ी, अमरौधा, नोनापुर, गौसगंज मूसानगर क्षेत्र के गांवों में शाम तक आपूर्ति नहीं शुरू हुई। पुखरायां उपखंड के एसडीओ राकेश सोनी और अकबरपुर उपखंड के एसडीओ सतीश निषाद ने बताया कि लगातार बारिश के कारण लाइन में कई जगह फाल्ट हो गए हैं। रास्ते में गीले पेड़ों की डाल लाइन से टकरा रही हैं। पोल गीले हैं रास्तों व खेतों में पानी भरा हुआ है। इससे फाल्ट नहीं मिल रहे हैं। इससे लाइनमैनों को काम करने में परेशानी हो रही है। (संवाद)
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इंसेट-
फोटो संख्या-16एकेबीपी-24 पचलक गांव में बारिश से गिरा कच्चा घर। संवाद
दो कच्चे घर ढहे, मलबे में दबकर महिला घायल
मुंगीसापुर/राजपुर। सिकंदरा तहसील के गांव भड़पुरा गांव में बारिश के बीच दिनेश कुमार राठौर का कच्चा घर ढह गया। मलबे में दबकर उसकी पत्नी गीता देवी घायल हो गई। उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मलबे में गृहस्थी का सामान दब गया। लेखपाल नथन सिंह ने घर गिरी की रिपोर्ट तहसील कार्यालय में भेजी है। इधर राजपुर के सट्टी थाना क्षेत्र के पचलक गांव में बारिश के दौरान तुलाराम प्रजापति का कच्चा घर ढह गया। गनीमत रही कि परिवार के लोग घर के आंगन में तिरपाल लगा रहे थे। इसकी वजह से हादसा टल गया। एसडीएम भोगनीपुर दीपाली भार्गव ने बताया कि लेखपाल से रिपोर्ट मांगी गई है। (संवाद)
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