कानपुर देहात। कानपुर देहात। जनपद में लगातार तीन दिन हुई बारिश से कानपुर-इटावा हाईवे पर रायपुर से शहजादपुर के बीच हुए गड्ढों को एनएचएआई की टीम ने भरने का काम शुरू कर दिया है। इससे यहां से गुजरने वाले वाहनों को गड्ढों में हिचकोले नहीं खाने पड़ेंगे और वह सुहाने सफर का आनंद ले सकेंगे।
राष्ट्रीय राजमार्ग पर जगह-जगह हुए गड्ढों को करीब एक महीने पहले एनएचएआई ने पैचवर्क का काम कर भरा था लेकिन तीन दिन तक हुई बारिश से इसमें प्रयोग किया गया बिटुमिन (डामर) ने बजरी का साथ छोड़ दिया और वह उखड़ कर इधर-उधर बिखर गई। इससे वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने का डर बना हुआ था। खासकर दो पहिया वाहन चालकों को गिट्टी की वजह से फिसलकर गिरने का डर था। रनियां में इटावा से कानपुर की तरफ जाने वाली लेन पर गड्ढों का आकार काफी बड़ा होने की वजह से हर समय खतरा बना रहा। रात के समय तेज रफ्तार में आने वाले वाहन इनकी चपेट में आ सकते थे।
अमर उजाला ने 27 सितंबर अंक में खबर को महीने भर में उखड़ा पैचवर्क, हादसों को दावत दे रही है सड़कों की बजरी शीर्षक के साथ प्रमुखता से प्रकाशित किया। खबर का संज्ञान लेते हुए एनएचएआई की टीम ने रनियां व अन्य स्थानों पर हुए गड्ढों को भरने का काम शुरू कर दिया है। एनएचएआई के प्रोजेक्ट मैनेजर आलोक सिंह ने बताया कि बारिश से पानी के संपर्क में आने के कारण बिटुमिन खराब होने से बजरी उखड़ गई थी। इससे पैचवर्क से बंद किए गए गड्ढे दोबारा से गुल गए। मौसम साफ होते ही इन गड्ढों का दोबारा से भरने का काम शुरू कर दिया गया है। बुधवार की रात तक सभी गड्ढों पर पैचवर्क का काम पूरा कर लिया जाएगा।