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Kanpur News: संभावित सूखा क्षेत्रों की होगी पहचान, जलस्रोतों पर रहेगी नजर

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कानपुर। भीषण गर्मी और कमजोर मानसून की आशंकाओं के बीच संभावित सूखे की चुनौती से निपटने के लिए तैयारियां की जा रही हैं। सरकार की ओर से सूखा संभावित क्षेत्रों की पहचान और निगरानी के लिए 15 जून से 30 जुलाई तक विशेष अभियान चलेगा। वर्षा की स्थिति, जलस्रोतों का स्तर, फसलों की दशा और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल उपलब्धता की मॉनिटरिंग होगी।
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कृषि विभाग और जिला प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्थाओं की तैयारी शुरू कर दी है। सामान्य से कम वर्षा और खरीफ फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने पर किसानों को वैकल्पिक फसलों के बीज उपलब्ध कराए जाएंगे। कृषि विशेषज्ञों के माध्यम से कम पानी में होने वाली फसलों के प्रति जागरूक किया जाएगा। हालात गंभीर होने पर प्रभावित क्षेत्रों को सूखाग्रस्त घोषित करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है। शासन का निर्देश है गांव या कस्बे में पेयजल संकट उत्पन्न नहीं होना चाहिए। निदेशक पंचायती राज ने जिला पंचायत राज अधिकारियों को दस बिंदुओं पर आधारित विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
इन बिंदुओं पर रहेगा विशेष ध्यान
-विभागीय आकस्मिक (कंटीजेंसी) योजना तैयार करना।
-पेयजल के स्रोतों और संसाधनों को सक्रिय रखना।
-खराब नलकूपों और हैंडपंपों की मरम्मत।
-गांवों के कुओं को गहरा कर जलस्रोत विकसित करना।
-वर्षा जल संचयन और संरक्षण को बढ़ावा देना।


-पाइप्ड पेयजल योजनाओं की नियमित निगरानी।



-जरूरत पड़ने पर टैंकरों से पेयजल आपूर्ति।



-फसलों की स्थिति की लगातार समीक्षा।



-वैकल्पिक बीज और तकनीकी सलाह उपलब्ध कराना।



-सूखा संभावित क्षेत्रों की सतत निगरानी।



मानसून यदि कमजोर पड़ता है तो सूखे की मार से बचाव की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके लिए योजना बनाई जा रही है। जनता की सजगता ही इस चुनौती से निपटने का सबसे प्रभावी उपाय साबित होगा।
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मनोज कुमार, डीपीआरओ
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