फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पोस्ट कोविड: कोरोना से ठीक हुए रोगियों को मनोरोग ने घेरा, स्वाद गायब होना, याददाश्त कमजोर होना आदि लक्षण

Tue, 27 Jul 2021 03:58 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
कोरोना वायरस - फोटो : iStock
विज्ञापन
कोरोना से ठीक हो चुके 10 फीसदी रोगियों को अब मनोरोग की बीमारी घेर रही है। जैसे-जैसे समय गुजरता जा रहा है, घर वाले उनकी यह समस्या पहचानने लगे हैं। मनोरोग से संबंधित हेल्पलाइन के नंबरों पर लोग अपनी समस्या बता रहे हैं।
विज्ञापन


इसके साथ ही उर्सला की पोस्ट कोविड ओपीडी, हैलट की मनोरोग विभाग की ओपीडी और निजी मनोरोग विशेषज्ञों के यहां लोग आ रहे हैं। इससे उनकी रोजी-रोटी का कार्य प्रभावित हुआ है। इसके साथ ही पारिवारिक कलह बढ़ रही है। 

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की अध्यक्ष डॉ. नीलम मिश्रा का कहना है कि पोस्ट कोविड रोगियों में यह दिक्कत मिल रही है। इसी वजह से एसोसिएशन मल्टी स्पेशियलिटी कैंप लगाएगी।
विज्ञापन


इंडियन साइकेट्रिक सोसाइटी के सेंट्रल जोन के महासचिव डॉ. गणेश शंकर ने बताया कि पोस्ट कोविड रोगियों को मानसिक दिक्कत बढ़ी है। कोरोना के ट्रॉमा और दवाओं का असर हो सकता है। ज्यादातर रोगियों की काउंसलिंग की जा रही है। कुछ को दवाओं की जरूरत है। 

केस-एक:
फजलगंज निवासी विनोद अग्रहरि (48) पांच अप्रैल को कोरोना से ठीक हुए थे। उन्हें घबराहट होती है। बीच-बीच में लगता है कि स्वाद गायब हो गया है। याददाश्त कम हो गई है। अकेले में बड़बड़ाते हैं। मनोरोग विशेषज्ञ को दिखाया तो उन्हें मनोरोग की समस्या बताई है। इलाज भी शुरू हो गया।

केस-दो:
किदवईनगर के रहने वाले अनुपम अग्निहोत्री को हाथ धोने की आदत पड़ गई है। उन्हें कभी-कभी खाने का स्वाद नहीं आता। घबराहट होती है। हाथ और चेहरे पर सैनिटाइजर मलते हैं। अकेले होते हैं तो कमरे में साए टहलते नजर आते हैं। रेडीमेड कपड़े का काम करते हैं। दुकान नहीं लगाते, उन्हें डर है फिर से कोरोना हो जाएगा। उर्सला में जांच कराई है। 
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें