24 जनवरी को शनि ने मकर राशि, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र और मकर के नवांश में प्रवेश किया है लेकिन अस्त होने के कारण प्रभावहीन है। 2 फरवरी को शनि पूर्व दिशा में उदय होगा और 9 फरवरी 2021 को पश्चिम में अस्त होगा।
इसके बाद 14 फरवरी 2021 को शनि पूर्व दिशा में उदय होगा। पद्मेश इंस्टीट्यूट ऑफ वैदिक साइंसेस के संस्थापक अध्यक्ष पंडित केए दुबे पद्मेश ने बताया कि 11 मई 2020 को शनि वक्री होगा और 29 सितंबर को मार्गी होगा।
जब कोई ग्रह वक्री होता है तो और अधिक प्रभावशाली हो जाता है। 17 जनवरी 2023 को शनि मकर राशि से कुंभ में प्रवेश करेगा। इस दौरान मकर का शनि कई राजनेताओं के लिए भारी पड़ेगा।
पद और स्वास्थ्य दोनों ही प्रभावित हो सकते हैं। यह शनि उन लोगों के लिए लाभकारी होगा जो ईमानदार और अपने परिवार के प्रति निष्ठावान हैं। साथ ही भारत भक्त हैं, क्योंकि शनि न्यायप्रिय ग्रह है।
राशियों पर प्रभाव
मेष - मकर का शनि परिश्रम अधिक कराएगा, आर्थिक समृद्धि होते हुए भी आर्थिक तनाव रहेगा।
वृष - अधीनस्थ कर्मचारी अथवा छोटे-भाई बहन होंगे तनाव का कारण, धार्मिक प्रवृत्ति में वृद्धि।
मिथुन - शनि कष्टप्रद है, अपमान, जीवन साथी से तनाव, लेन देन में सतर्क रहें।
कर्क - भौतिक दृष्टि से शनि नई उपलब्धियां देगा, चल अचल संपत्ति में वृद्धि कराएगा।
सिंह - शनि की स्थिति आपके लिए सुखद, विरोधी और रोग परास्त होंगे, भौतिक उपलब्धियां मिलेंगी।
कन्या - आलस्य और धन दोनों में विवाद, आर्थिक स्थिति कमजोर, बड़ा पद या प्रष्ठिता की प्राप्ति होगी।
तुला - शनि की लघु कल्याणकारी ढैय्या, अपनों से कलह, यात्रा के योग, आर्थिक पक्ष मजबूत होगा।
वृश्चिक - रुके कार्य पूरे होंगे, ससुराल पक्ष से तनाव, व्यापारिक प्रतिष्ठा बनेगी, विरोधी परास्त होंगे।
धनु - शनि की अंतिम ढैय्या, बड़ा पद देगा, संतान के दायित्व की पूर्ति होगी, लोकप्रियता में वृद्धि होगी।
मकर - साढ़े साती शनि की मध्य ढैय्या, अपनों से पीड़ा, कुटुंब से तनाव, स्वास्थ्य के प्रति ध्यान दें।
कुंभ - साढ़े साती का प्रथम चरण है, कर्मक्षेत्र में व्यवधान, संतान के कारण चिंता, विरोधी परास्त होंगे।
मीन - शनि शुभ है, स्वास्थ्य में सुधार, जीवनसाथी का सहयोग, लंबी यात्राएं मिलेंगी।