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Pooja Politics in Sisamau: नसीम ने शिवजी पर चढ़ाया जल…उलमा ने जारी किया फतवा, पुजारियों ने गंगाजल से की शुद्धि

Sun, 03 Nov 2024 06:45 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: मंदिर में पूजा करने पर सपा प्रत्याशी नसीम सोलंकी उलेमा के निशाने पर आ गई हैं।  मुस्लिम धर्मगुरुओं ने कहा कि से  बेहद अफसोस जनक है और नसीम को तौबा करने की नसीहत दी।
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सीसामऊ उपचुनाव में पूजा पॉलिटिक्स - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर में सीसामऊ विधानसभा उपचुनाव में सपा प्रत्याशी नसीम सोलंकी का प्रचार के दौरान दिवाली के मौके पर यहां के प्रसिद्ध शिव मंदिर वन खंडेश्वर में जाकर वहां जलाभिषेक करना और पूजा करने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। देवबंद सहित कई मुस्लिम धर्मगुरुओं की ओर से नसीम सोलंकी के मंदिर जाने पर नाराजगी जाहिर की गई है। मुस्लिम धर्मगुरुओं ने फतवा जारी करते हुए नसीम सोलंकी को अल्लाह से तौबा करने की नसीहत दी है।

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उधर शनिवार को मंदिर समिति की ओर से परिसर का गंगाजल और दूध से शुद्धिकरण किया गया। नसीम ने इस मामले में सफाई देते हुए कहा है कि वह मंदिर में पूजा करने नहीं गई थीं बल्कि प्रचार के दौरान रास्ते में मंदिर आने से उनके पार्टी के कुछ हिंदू समर्थकों ने उनसे यहां पर दीप जलाकर लोगों को दिवाली की शुभकामनाएं देने गई थीं। मुस्लिम धर्मगुरु द्वारा इस मसले पर फतवा जताने की बात पर उन्होंने कहा कि जिन्होंने फतवा जारी किया है वे हमारे बड़े हैं, उनकी बात पर कुछ नहीं कहेंगी।

मुस्लिम महिला के मंदिर में दर्शन करने के मामले को लेकर एक व्यक्ति ने मसला पूछा और शरीयत की रोशनी में इसकी व्याख्या मांगी। इसपर मेरा कहना है कि अगर कोई मुस्लिम जानबूझकर मूर्ति पूजन करता है जो कि इस्लाम में वर्जित है, तो वह पहले तो तौबा करे और फिर दोबारा कलमा पढ़े।  -मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रिजवी राष्ट्रीय अध्यक्ष बरेलवी ऑल इंडिया मुस्लिम जमात

उलमा बोले: रुह की ताजगी के लिए होता है मजहब
देवबंद में मदरसा दारुल उलूम अशरफिया के मोहतमिम मौलाना सालिम अशरफ कासमी का कहना है कि मुसलमान केवल अल्लाह की इबादत करता है। इरफान सोलंकी की पत्नी और सपा प्रत्याशी नसीम सोलंकी की जो तस्वीरें मंदिर में पूजा-अर्चना करने की सामने आई है वे बेहद अफसोसनाक है। अगर मजहब को कोई सियासत के लिए इस्तेमाल करता है तो यह मजहब के साथ गद्दारी है। उन्होंने कहा कि इस तरह के अमल से इंसान इस्लाम से खारिज हो जाता है। इसलिए नसीम सच्चे मन से अल्लाह से तौबा करें।

जो मुसलमान होता है उसे मालूम होता है कि वह काम से इस्लाम से खारिज हो जाएगा और किस चीज से इस्लाम में रहेगा। यदि उन्हें लगता है कि वह इस्लाम से खारिज हो गईं है तो फौरन उन्हें तौबा करनी चाहिए।  -मौलाना कारी इस्हाक गोरा जमीयत दावतुल मुसलिमीन के संरक्षक

मजहब-ए-इस्लाम में गैरों की परंपराओं को अपनाना गलत है। यदि परंपराओं को अपनाने के पीछे उनका अकीदा भी गैरों वाला है, तो फिर उन्हें अल्लाह से तौबा कर लेनी चाहिए। क्योंकि मजहब-ए-इस्लाम में इसकी कोई गुंजाइश नहीं है। सियासी लाभ के लिए मजहब को नहीं लाना चाहिए। शरीयत पर मजबूती से पकड़ रखें। तभी दुनिया और आखिरत में कामयाबी मिलेगी।  -मुफ्ती असद कासमी मदरसा शेखुल हिंद के मोहतमिम

धार्मिक रंग देना उचित नहीं: सपा प्रवक्ता
सपा प्रवक्ता दीपक रंजन का कहना है कि सीसामऊ प्रत्याशी नसीम सोलंकी कार्यकर्ताओं के आग्रह पर मंदिर में गई थीं। कुंदरकी में भाजपा प्रत्याशी भी मंच पर टोपी लगाए बैठे हैं। इस तरह के मामलों को राजनीतिक उद्देश्यों से धार्मिक रंग देना उचित नहीं है। पीएम नरेंद्र मोदी भी मस्जिद में जाते हैं।

पूर्व विधायक इरफान सोलंकी भी यहां पर चुनाव प्रचार करने आते थे तो कभी मंदिर के अंदर नहीं आए। दीपावली के लिए शाम को पूजन का मुहूर्त था तो मंदिर परिसर में समिति के सदस्य या फिर पुजारी नहीं थे। ऐसे में नसीम सोलंकी अपने समर्थकों के साथ आईं और पूजन किया। उन्होंने ही वीडियो बनवाया और खुद चलाया भी। यह सिर्फ राजनीति के लिए किया गया।  -मोहित मिश्रा, वनखंडेश्वर मंदिर के पुजारी

नहीं पता था कि वह नसीम सोलंकी हैं। आम भक्त की तरह ही उन्हें भी तिलक लगाया। यदि जानकारी होती तो तिलक नहीं लगाते। गंगाजल मंगवाकर मंदिर का शुद्धिकरण किया गया है।  -पप्पू शुक्ला मंदिर परिसर में बने संतोषी माता मंदिर के पुजारी

नसीम सोलंकी के मंदिर में जाने पर जब मुस्लिम धर्मगुरु यह बोल सकते हैं कि ऐसा करके नसीम ने ठीक नहीं किया तो क्या हमारे मंदिर अछूत है जो नसीम सोलंकी यहां आकर दूषित हो गईं। इसलिए हमने में अपने भोलेनाथ और मंदिर को शुद्ध करने का फैसला किया।  -महेंद्र कुमार त्रिपाठी मंदिर समिति से जुड़े सेवक

सीसामऊ सीट पर मतदाताओं की स्थिति

मुस्लिम- 1.10 लाख
ब्राह्मण- 70 से 75 हजार
दलित- 60 से 65 हजार
वैश्- 25 से 30 हजार
सिंधी पंजाबी व सिख- 20 से 25 हजार
कायस्थ- 10 से 15 हजार
 नोट: 269770 मतदाता... सीसामऊ विधानसभा उपचुनाव में प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे।
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2022 में हुए विधानसभा चुनाव का परिणाम
सपा इरफान सोलंकी- 79163 वोट, 50.68 प्रतिशत
भाजपा सलिल विश्नोई- 66897वोट, 42.83 प्रतिशत
कांग्रेस-सुहेल अहमद- 5616 वोट, 3.06 प्रतिशत
बसपा-रजनीश तिवारी- 2937 वोट, 1.88 प्रतिशत
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