इसे कहते हैं ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस
प्रदूषण बढ़ने पर नाइ्ट्रस ऑक्साइड और सूक्ष्म कण बड़ी संख्या में जाकर फेफड़े के आखिरी हिस्से एलवियोलाई में जाकर चिपक जाते हैं। इससे सूजन आती है। फेफड़ों से हृदय में रक्त का आना-जाना प्रभावित होता है। इसके साथ ही ठंड से नसों में सिकुड़न आती है। इससे शरीर में स्ट्रेस बढ़ता है। इसे ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कहते हैं।