नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) ने टेनरियों पर दबाव बढ़ाने के लिए विशेष योजना बनाई है। कानपुर के जाजमऊ में ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का उप कार्यालय खोला जाएगा, जिसमें एक लैब भी बनेगी, जो टेनरियों से लिए गए सैंपलों की प्राथमिक जांच कर सकेगी। जिसकी रिपोर्ट के आधार पर तुरंत कार्रवाई होगी। अभी तक छोटी सी छोटी जांच के लिए सैंपल लखनऊ भेजे जाते हैं। अक्तूबर में कार्यालय अस्तित्व में आ जाएगा।
इस साल दिसंबर तक गंगा को प्रदूषण मुक्त करने की सरकारी योजना के तहत एनजीटी ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को सक्रिय कर दिया है। अभी कल्याणपुर में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का क्षेत्रीय कार्यालय है। यहीं से टेनरियों की मॉनीटरिंग होती है। लेकिन टेनरियां जाजमऊ में हैं। नई व्यवस्था के तहत अब जाजमऊ के कार्यालय में बोर्ड के पांच कर्मचारी बैठेंगे। पहली बार प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अपना उप कार्यालय खोलेगा।