कानपुर देहात। मतगणना के दौरान कोविड प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़ा दी गईं। मतगणना स्थल में एजेंटों के बीच एक-एक वोट पर नजर रखने के लिए मारामारी रही। सामाजिक दूरी का पालन नहीं हो सका। मतगणना केंद्र के बाहर समर्थकों की भीड़ ने सारे नियम ताक पर रख दिए। पुलिस मतगणना केंद्र के अंदर से लेकर बाहर तक व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में व्यस्त रही। आवागमन पर रोक नहीं लगाई जा सकी।
मतगणना के दौरान कोविड प्रोटोकॉल का पालन कराने में प्रशासन पूरी तरह से फेल हो गया। मतगणना स्थलों के बाहर भारी भीड़ रही। अकबरपुर में माती रोड स्थित डिग्री कॉलेज को केंद्र बनाया गया था। सुबह से लोग केंद्र के बाहर एकत्र हो गए। माती रोड में समर्थकों की भारी भीड़ लगी रही। रसूलाबाद मतगणना स्थल के बाहर समर्थकों की भीड़ उमड़ पड़ी। वहां कोई छाया की व्यवस्था न होने के बाद भी लोग धूप में डटे रहे। सरवनखेड़ा में भिखनापुर स्थित कंचन सिंह भूली देवी मतगणना केंद्र के बाहर आसपास के गांवों से भारी भीड़ पहुंची।
समर्थक अपने प्रत्याशियों के पक्ष में नारेबाजी करते रहे। इसी तरह से राजपुर, डेरापुर, झींझक, संदलपुर मतगणना स्थल के बाहर समर्थकों का हुजूम जमा रहा। पुलिस ने कई बार लाठी पटक कर लोगों को भगाने की कोशिश की लेकिन लोग कुछ दूर पीछे हटने के बाद फिर वापस केंद्र के बाहर आकर एकत्र हो गए।
मतगणना केंद्र में प्रवेश से पहले थर्मल स्क्रीनिंग की खानापूरी की गई। रविवार की सुबह आठ बजे से मतगणना शुरू होनी थी। एजेंट से लेकर मतगणना कर्मी सब जल्दी में रहे। शुरू में तो अफसरों ने कुछ जगह अपनी मौजूदगी में थर्मल स्क्रीनिंग कराई। बिना थर्मल स्क्रीनिंग के लोग अंदर जाने लगे। लगभग हर मतगणना केंद्र में यही हाल रहा। बिना तापमान जांच के लोग पहुंचे।
मतगणना स्थल में भी नहीं हो सका नियमों का पालन
मतगणना स्थल में भी कोविड प्रोटोकॉल का पालन नहीं हो सका। एजेंट एक-एक वोट पर नजर रखने के लिए बैरीकेडिंग पर लदे रहे। एक दूसरे से चिपके खड़े नजर आए। सब मास्क लगाए थे लेकिन यहां पर सामाजिक दूरी का पालन नहीं हो सका। जिला पंचायत के प्रत्याशियों की मतगणना कई कक्षों में हुई। प्रत्याशी सभी कक्षों में आवागमन करते रहे। कोविड प्रोटोकॉल का पालन मतगणना स्थल के अंदर भी नहीं हो सका। पूरी व्यवस्था भगवान भरोसे नजर आई।