मंत्री के नाम से खौफ खा गई पुलिस
कार मालिक तरुण और उनके साथियों ने हादसे के बाद ही पुलिसकर्मियों से कहा था कि वे विधायक के रिश्तेदार हैं। विधायक का नाम पूछा तो कहा कि मंत्री बृजेश पाठक के भाई हैं। बाद में तरुण ने बताया कि वह मंत्री के साथ चलते हैं। इसलिए गाड़ी में पास लगा है। मंत्री के खौफ में साठगांठ कर तरुण और उसके साथियों को छोड़ दिया।
फर्जी है पास
कुछ समय पहले भी जब जय बाजपेई की कार में विधायक का पास लगा मिला था तो उसकी जांच कराई गई थी। वो पास भी फर्जी निकला था। एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक तरुण की कार में जो पास लगा है वो भी फर्जी है। खुद ही स्कैन करवाकर पास बनवाया है। इसके बावजूद पुलिस ने उस पर केस दर्ज नहीं किया।
मामले की जानकारी हुई है। स्वरूपनगर पुलिस को कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। अगर लापरवाही बरती गई है तो जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. प्रीतिंदर सिंह, डीआईजी