उत्तर प्रदेश के फतेहगढ़ के एक दरोगा ने 375 रुपये के लिए तीन साल तक लड़ाई लड़ी। दर्जनों पत्र हैलट प्रशासन को भेजे। अब जाकर उनको हैलट प्रशासन ने ये रकम वापस की। दरोगा इसको अपनी जीत की तौर पर देख रहे हैं।
हालांकि मामूली से काम में इतना समय लग जाने से वो काफी हताश हैं। फतेहगढ़ में तैनात दरोगा अशोक कुमार ने बताया कि तीन साल पहले उन्होंने हैलट में बेटे के लिए 375 रुपये का पर्चा डिजिटल एक्स-रे कराने के लिए बनवाया था लेकिन एक्स-रे मशीन खराब थी।