नौबस्ता थाना परिसर में मंगलवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया जब पुलिस कस्टडी में बैठाए गए एक आरोपी ने थाने के शौचालय में जाकर टॉयलेट क्लीनर पी लिया। आनन-फानन में पुलिस उसे हैलट अस्पताल ले गई, जहां हालत गंभीर होने पर उसे आईसीयू में भर्ती कराया गया है। मामले में घोर लापरवाही बरतने के आरोप में डीसीपी साउथ ने नौबस्ता थाने में तैनात एक दरोगा और हेड कांस्टेबल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
महिला को फोन पर धमकाने का था आरोप
जानकारी के अनुसार, नौबस्ता निवासी एक महिला के ससुर ने मंगलवार शाम पुलिस को शिकायत दी थी कि सरसौल महौली निवासी आशीष द्विवेदी उनकी बहू को फोन कर अश्लील बातें करता है और मना करने पर जान से मारने की धमकी देता है। पुलिस ने जब नंबर की जांच की तो वह आशीष के दोस्त सहज सिंह उर्फ शिवा का निकला। पुलिस ने दोनों को थाने बुलाया, लेकिन वे पहले नहीं आए।
नशे में थाने पहुंचे, सिपाहियों व डॉक्टरों से की अभद्रता
रात करीब 11 बजे के बाद आशीष और सहज दोनों अत्यधिक नशे की हालत में नौबस्ता थाने पहुंचे। दोनों ने थाने के बाहर बाइक खड़ी की और सीधे भीतर जाकर ऑन-ड्यूटी सिपाहियों को धमकाना शुरू कर दिया। काफी नोकझोंक के बाद पुलिस दोनों को मेडिकल परीक्षण के लिए कांशीराम अस्पताल ले गई, जहां दोनों ने डॉक्टरों के साथ भी जमकर अभद्रता की। इसके बाद पुलिस दोनों को वापस लाकर थाने के कार्यालय में बैठा दिया।
शौचालय में आधा दरवाजा खुला देख पी गया क्लीनर
कुछ देर बाद आरोपी आशीष ने शौच जाने की बात कही। सिपाही उसे पुलिसकर्मियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले शौचालय की तरफ ले गए। जैसे ही आशीष भीतर गया, उसने वहां रखी टॉयलेट क्लीनर की बोतल उठाई और पीने लगा। आधा दरवाजा खुला होने के कारण सिपाही की नजर उस पर पड़ गई और उसने दौड़कर हाथ से बोतल छीनी।
दो पुलिसकर्मी निलंबित, स्थिति खतरे से बाहर
घटना के तुरंत बाद पुलिस उसे हैलट अस्पताल ले गई, जहां डीसीपी साउथ दीपेंद्र चौधरी भी पहुंचे। बुधवार सुबह आशीष को आईसीयू में शिफ्ट किया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत खतरे से बाहर बताई है।