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'प्रेमी को मोहब्बत करने की इतनी भयानक सजा, गर्भवती प्रेमिका की ये बातें सुनकर भी किसी को तरस न आया

Sat, 17 Nov 2018 07:21 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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डेमो पिक
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बात जब खाकी की खूबियों की आती है तो कहा जाता है कि अपराध करने वाला कितना भी शातिर क्यों न हो पुलिस सच उगलवा ही लेती है। लेकिन जब खाकी ही विलेन बन जाए तो इंसान सच की उम्मीद किससे करे। मोहब्बत करने की ऐसी भयानक सजा से पीड़ित के परिजनों का बुरा हाल है। पीड़ित के परिजन तरह-तरह की बातें कर रहे हैं। उनका कहना है कि मेरे बेटे के साथ जो हुआ, उसे जो मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा..?
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अपने फायदे के लिए दरोगा ने फर्जी रिपोर्ट बनाकर एक गर्भवती युवती को नाबालिग दर्शा कर नारी निकेतन लखनऊ और उसके प्रेमी को जेल भेज दिया। चार्जशीट में युवती के कलमबंद बयान और जिला अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट को भी दबा दिया गया।

मुकदमे की पुनर्विवेचना में सच्चाई सामने आते ही पुलिस अधीक्षक ने कुरसठ चौकी इंचार्ज को निलंबित कर दिया है। अब फाइनल रिपोर्ट लगाकर मुकदमे को खारिज किया जाएगा। साथ ही चार महीने से निरुद्ध प्रेमी-प्रेमिका को मुक्त किया जाएगा। मामला यूपी के उन्नाव जिले का है।
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एक नेता के दबाव में तथ्यों को छिपाते हुए युवती को नाबालिग करार दे दिया

उन्नाव आसीवन थाने के कुरसठ पुलिस चौकी क्षेत्र की युवती (18) का गांव के ही युवक से काफी समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था। छह महीने पहले युवती अपने प्रेमी के साथ चली गई और दोनों ने शादी कर ली। इधर, युवती के घर वालों ने मुकदमा दर्ज कराया। चार महीने पहले कुरसठ चौकी पुलिस ने दोनों को लखनऊ से खोज निकाला।

एक नेता के दबाव में कुरसठ पुलिस चौकी प्रभारी कुलदीप गौर ने तथ्यों को छिपाते हुए युवती को नाबालिग करार दे दिया और युवक के खिलाफ नाबालिग को भगाने व दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया। युवती को नारी निकेतन लखनऊ भेजा गया। आसीवन थानाध्यक्ष जयशंकर सिंह ने बताया कि चौकी इंचार्ज ने चार्जशीट में युवती की कक्षा 5 या कक्षा 8 आठ की मार्कशीट लगाने के बजाय कक्षा 6 की मार्कशीट लगाई।

 
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युवती के बयान को भी नजरअंदाज कर दिया गया

जिला अस्पताल में उम्र परीक्षण की रिपोर्ट में युवती की उम्र 18 साल बताई गई, लेकिन इस रिपोर्ट को भी अनदेखा कर दिया गया। युवती ने अपने कलमबंद बयान में खुद को बालिग बताते हुए अपनी मर्जी से प्रेमी के साथ जाने और शादी करने की बात स्वीकार की थी। उसके बयान को भी नजरअंदाज कर दिया गया।

एसओ ने बताया कि एएसपी ने रिपोर्ट तलब की तो चार्जशीट का अवलोकन किया गया। इस पर मामला सामने आया। सीओ ने मुकदमे की पुनर्विवेचना कराई तो सच्चाई सामने आ गई। एसपी हरीश कुमार ने बताया कि प्रकरण में कुरसठ पुलिस चौकी प्रभारी कुलदीप गौर को निलंबित कर दिया गया है।
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