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किसान सुसाइड केस: भाजपा नेता की गिरफ्तारी के लिए चक्रव्यूह तैयार, परिजनों ने मुख्यमंत्री को खून से लिखा पत्र

Sun, 24 Sep 2023 09:24 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: बाबू सिंह की पत्नी बिटान व दोनों बेटियों रूबी और काजल ने शनिवार को न्याय संघर्ष समिति की अगुवाई में अपने खून से मुख्यमंत्री योगी को पत्र लिखकर न्याय की मांग की।
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किसान ने की आत्महत्या - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर में किसान बाबू सिंह यादव की मौत के मामले में मुख्य साजिशकर्ता बीजेपी नेता डॉ. प्रियरंजन आशु दिवाकर की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने चक्रव्यूह तैयार कर लिया है। भाजपा नेता की गिरफ्तारी के लिए सोमवार को इंटेलिजेंस के साथ ही पुलिस की टीमें सादे कपड़ों में कचहरी के आसपास तैनात रहेंगी। भाजपा नेता को हाईकोर्ट से कोई राहत न मिल सके।

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इसके लिए भी पुलिस कोर्ट में मजबूत पैरवी करेगी। चकेरी निवासी किसान बाबू सिंह यादव ने 15 दिन पहले सुसाइड नोट लिखकर ट्रेन से कटकर जान दे दी थी। सुसाइड नोट में उन्होंने भाजपा नेता डॉ. प्रियरंजन आशु दिवाकर समेत छह लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी कर जमीन हड़पने का आरोप लगाया था।  इस प्रकरण में पुलिस ने अब तक केवल राहुल जैन की गिरफ्तारी की है।
मामले में भाजपा नेता समेत चार लोग अभी भी फरार हैं। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए शहर और आसपास के जिलों में छापेमारी की जा रही है। वहीं, 400 से अधिक लोगों से पूछताछ की गई है, लेकिन फरार आरोपियों का कोई सुराग नहीं लग सका है। भाजपा नेता ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत के लिए सेशन कोर्ट में अर्जी दाखिल की है।

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व्यक्तिगत हाजिरी का पैतरा कोर्ट में चला
इसकी सुनवाई 25 सितंबर को है। दिवाकर की गिरफ्तारी के लिए कमिश्नरी पुलिस ने अग्रिम जमानत पर सुनवाई के दौरान उसकी व्यक्तिगत हाजिरी का पैतरा कोर्ट में चला। अब भाजपा नेता की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने अपना जाल बिछा दिया है। कचहरी के आसपास सादे कपड़ों में पुलिस कर्मियों की तैनाती का खाका तैयार किया गया है, ताकि बचने की आशंका न रहे।

हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर कोई राहत न मिल सके
इधर, सेशन कोर्ट से राहत की उम्मीद पर पानी फिरता देख दिवाकर ने हाईकोर्ट का रुख किया और एफआईआर खारिज कराने के लिए याचिका दाखिल की है। जानकारी मिलने पर पुलिस के आला अफसरों की टीम याचिका के विरोध में मजबूत साक्ष्यों सहित जवाब हाईकोर्ट में दाखिल करने की तैयारी कर रही है, ताकि दिवाकर को हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर कोई राहत न मिल सके।

पुलिस इस कानून का करेगी इस्तेमाल
हाईकोर्ट के अधिवक्ता गौरव दीक्षित का कहना है कि दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 438-1(b) के तहत यह व्यवस्था है कि अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान अगर अभियोजन अधिकारी याची को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में बुलाने की मांग करता है, तो न्याय हित में कोर्ट अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र पर अंतिम सुनवाई या आदेश जारी करने के समय याची को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में हाजिर होने का आदेश दे सकती है, और याची को कोर्ट में हाजिर होना अनिवार्य होगा। ऐसे में जब अभियुक्त कोर्ट में हाजिर होने आएगा तो पुलिस उसे बाहर से गिरफ्तार कर सकती है।
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मुख्यमंत्री को खून से पत्र लिखकर प्रियरंजन की गैंग समेत गिरफ्तारी की मांग
बाबू सिंह की पत्नी बिटान व दोनों बेटियों रूबी और काजल ने शनिवार को न्याय संघर्ष समिति की अगुवाई में अपने खून से मुख्यमंत्री योगी को पत्र लिखकर न्याय की मांग की। इस दौरान संयोजक अभिमन्यु गुप्ता और फतेह बहादुर गिल ने कहा कि किसान बाबू सिंह यादव की आत्महत्या के 15 दिन बाद भी मुख्य आरोपी भाजपा नेता प्रियरंजन आशु के पकड़े न जाने से सरकार की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं। रूबी, काजल ने खून से पत्र लिखकर मुख्यमंत्री से पूछा कि हमको अनाथ बनाने वाले भाजपा नेता प्रियरंजन आशु, भाजपा नेता शिवम चौहान और उसके गैंग को गिरफ्तार क्यों नहीं कर रहे। इस दौरान अंकुश यादव, मोनू शर्मा मौजूद रहे।
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