पुलिस हिरासत में ईरानी गैंग के टप्पेबाज
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कानपुर में पुलिस अफसर बनकर लोगों से टप्पेबाजी करने वाला अंतरराज्यीय ईरानी गैंग कलक्टरगंज पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पुलिस ने चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पांच की तलाश जारी है। पुलिस ने इनकी निशानदेही पर लग्जरी कार इनोवा, बाइकें, जेवरात और नगदी बरामद की है। पकड़े गए शातिरों ने कलक्टरगंज में सर्राफ, फीलखाना में प्रापर्टी डीलर के पिता और हरबंश मोहाल व कोतवाली में हुई वारदातें कबूली हैं।
एसपी पूर्वी राजकुमार ने कलक्टरगंज थाने में प्रेसवार्ता कर बताया कि कलक्टरगंज में पिछले दिनों सर्राफ प्रमोद कुमार से बाइक सवार टप्पेबाज खुद को सीबीआई अफसर बताकर 260 ग्राम सोने के जेवरात उड़ा ले गए थे। फीलखाना में प्रापर्टी डीलर के पिता रामकृष्ण सोनकर से एसटीएफ कर्मी बनकर सोने की चेन व 8 अंगूठी उतरवा ले गए थे। बादशाही नाका में ऊषा रस्तोगी के जेवर और हरबंश मोहाल में विजय कुमार राठौर से 68 हजार, कोतवाली में महिला से चेन उतरवा ले गए थे। सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस टीम फर्रुखाबाद पहुंची तो राजस्थान व मध्यप्रदेश के ईरानी गैंग का पता चला।
सके बाद आगरा में टीम ने छापेमारी करके गैंग के बारा, राजस्थान निवासी अनवर मिर्जा, रियासत खान, पिल्लौर हुसैन और जलगांव, महाराष्ट्र के मो. अली को गिरफ्तार किया। एसपी पूर्वी ने बताया कि बदमाश इनोवा और बाइकों से वारदात को अंजाम देने के बाद आसपास के जिलों में चले जाते थे, ताकि पुलिस उन तक पहुंच न सके। शहर में वारदातों को अंजाम देने के बाद वे आगरा आकर होटल में रुके थे। यहां से निकलने से पहले ही पुलिस वहां पहुंच गई और चारों को होटल के कमरे से धर दबोचा। इनके पास से तीन वारदात में उड़ाए गए जेवरात व नगदी भी बरामद कर ली गई है। बरामद जेवरातों की पीड़ितों से शिनाख्त भी कराई जा चुकी है। गैंग में शामिल सरगना भोपाल निवासी अब्बास, रशीद, पठान, हैदर और शाबिर फरार हैं।