कानपुर। विवादित जमीन की पैमाइश करने के दौरान गुरुवार दोपहर दो पक्षों विवाद के हुई फायरिंग की घटना से इन्कार करने वाली बिधनू पुलिस एक आडियो और वीडियो वायरल हो गया। इससे पुलिस बैकफुट पर आ गई। पुलिस ने एक पक्ष की तहरीर पर दूसरे पक्ष के खिलाफ गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। अब पुलिस मामले की जांच की बात कह रही है।
बिधनू के जामू में गुरुवार दोपहर राजस्व विभाग की टीम एक विवादित जमीन की पैमाइश के दौरान मारपीट और फायरिंग हुई थी। कंट्रोलरूम की सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच कर फायरिंग की घटना से इन्कार कर दिया था। शुक्रवार को घटना एक वीडियो वायरल हुआ। इसमें लोग भागते हुए दिखाई दे रहे हैं। साथ एक आडियो भी वायरल हुआ है। आडियो और वीडियो वायरल होने के बाद बिधनू थाना पुलिस बैक फुट पर आ गई।
पुलिस ने दुर्जनपुर गांव निवासी अधिवक्ता विशाल वर्मा की तहरीर पर उनके और भाई अधिवक्ता सौरभ वर्मा पर फायरिंग करने के आरोप पर जामू गांव निवासी अनुराग सिंह, महेंद्र सिंह, लालू और एक अज्ञात के खिलाफ एससी एसटी एक्ट हत्या के प्रयास, मारपीट समेत कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। बिधनू थाना प्रभारी जितेंद्र प्रताप सिंह बताया कि उच्च अधिकारियों के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
जामू गांव निवासी जगदेव परिहार, अनुराग, रामप्रताप, कृष्ण गोपाल परिहार, लालू, महेंद्र की जमीन को करीब तीन वर्ष पहले दुर्जनपुर निवासी एडवोकेट विशाल वर्मा ने खरीदा था।बेची गयी जमीन के पैसों के लेनदेन में दोनों पक्षों में विवाद शुरू हो गया।दोनों पक्षों ने एक दूसरे के ऊपर पिछले तीन वर्षों में छह से ज्यादा मामले दर्ज कराए है।
दुर्जनपुर निवासी अधिवक्ता विशाल वर्मा ने एक ऑडियो वारयल कर खुद की जान को खतरा बताते हुते बिधनू थाना प्रभारी जितेंद्र प्रताप सिंह और एसीपी घाटमपुर रंजीत सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आडियो में विशाल वर्मा ने बताया कि वह शुक्रवार सुबह 10 बजे के करीब बिधनू थाने में खुद के ऊपर हुई फायरिंग की घटना की तहरीर देने गए थे। उसी दौरान थाने के बाहर फायरिंग करने वाले अनुराग सिंह एक अज्ञात व्यक्ति के साथ नीले रंग की बाइक में देखे गए। मेरी कभी भी हत्या हो सकती है। मेरी हत्या की जिम्मेदारी बिधनू थाना प्रभारी जितेंद्र प्रताप सिंह और इनकी गलत सूचना एसीपी घाटमपुर को देने से दोनों है।