ग्रामीण इलाकों के लोगों को बनाते थे निशाना
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे लोगों को फर्जी नंबरों से कॉल कर प्रधानमंत्री आवास योजना, मुद्रा लोन समेत तमाम सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने, झूठे मुकदमे में फंसाने, डिटिजल अरेस्ट और फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर वसूली का शिकार बनाते थे। साथ ही ग्रामीण इलाकों के लोगों को अपने जाल में फंसाकर आधार कार्ड व पैन कार्ड तैयार कर फर्जी खाते खुलवाकर उनमें ठगी की रकम मंगवाते थे।
बड़ी संख्या में पासबुक व चेकबुक मिलीं
पुलिस ने आरोपियों के पास से विभिन्न बैंकों के 15 एटीएम कार्ड, पांच मोबाइल और चेकबुक बरामद की है। पता चला है कि आरोपी कुछ रुपये देकर ग्रामीणों के नाम पर बैंक खाते खेालकर उनकी बैंक पासबुक, चेकबुक और एटीएम सचेंडी में भीमसेन स्थित पोस्ट आफिस के पते पर मंगा लेते थे। इसके बाद इनका उपयोग लोगों को ठगने और साइबर ठगी करने में करते थे। यही नहीं, खाता बंद होने पर वह एटीएम जाकर लोगों की मदद करने के नाम पर कार्ड बदलकर ठग लेते थे।
खरीदे थे महाराष्ट्र और राजस्थान के सिम
डीसीपी पूर्वी के मुताबिक आरोपी महाराष्ट्र व राजस्थान से सिम खरीदकर इस्तेमाल करते थे। जब सिम की डिटेल सामने आती थी, तब तक साइबर ठग रुपये ट्रांसफर कर लेते थे। साइबर ठग पुलिस को भ्रमित करने के लिए कई खातों में रुपये ट्रांसफर करते थे। इससे उनको ठगी गई रकम को ठिकाने लगाने का वक्त मिल सके।
आम लोगों से की सतर्क रहने की अपील
डीसीपी क्राइम आशीष श्रीवास्तव ने शहर के लोगों से अपील की कि वह अपने बैंक खाते और एटीएम कार्ड की सुरक्षा को लेकर विशेष सावधानी बरतें। संदिग्ध फोन काल या संदिग्ध व्यक्ति पुलिस अधिकारी बनकर आपको डराने व धमकाने की बात करता है तो फौरन अपने नजदीकी थाने या साइबर सेल को सूचना दें।
अंतर जनपदीय गैंग के चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गैंग लीडर सचिन उर्फ आनंद और गैंग के बाकी शातिरों की तलाश की जा रही है। -श्रवण कुमार सिंह, डीसीपी पूर्वी