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पुलिस ने दबोचे 5 लुटेरे, इस तरह वारदात को देते थे अंजाम, जेवर खरीदने वाले भी रडार पर

Fri, 03 Aug 2018 08:20 AM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Police arrested five robbers In Farrukhabad district
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एसपी अतुल शर्मा, पीछे स्वाट टीम के साथ खड़े आरोपी  - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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यूपी के फर्रुखाबाद जिले में दिनदहाड़े लूट की वारदात को अंजाम देने वाले बाइक सवार गिरोह के सरगना समेत पांच शातिरों को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान उनके तीन साथी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए। गिरोह का सरगना मैनपुरी के सभासद का पुत्र है, जबकि तीन आरोपी भी वहीं के रहने वाले हैं। गिरोह के लीडर की फर्रुखाबाद निवासी सास को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
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बदमाशों के पास से बीस लाख रुपये कीमत का लूटा गया सामान और हथियार भी पुलिस टीम ने बरामद किए। शातिरों ने मोहम्मदाबाद में सिपाही पुत्र के साथ हुई लूट समेत 13 वारदातों को अंजाम देने की बात कबूली है। फर्रुखाबाद के अलावा गिरोह ने मैनपुरी, कन्नौज , एटा और हरदोई जिले में भी लूट की वारदातें करने की सूचना पुलिस को दी है। 

 फतेहगढ़ स्थित पुलिस लाइन सभागार में गुरुवार को पुलिस अधीक्षक अतुल शर्मा ने बताया कि दिनदहाड़े बाइक से लूट करने वाले गिरोह के पांच सदस्यों को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया जबकि इनके तीन साथी चकमा देकर फरार हो गए।
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पुलिस को चकमा देकर भाग गए

आरोपियों से बरामद हुआ जेवर व तमंचा - फोटो : अमर उजाला
उन्हाेंने बताया कि मऊ दरवाजा थाना पुलिस और स्वाट टीम के संयुक्त प्रयासों से एक मुठभेड़ के बाद पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि मैनपुरी के नगला मुलू निवासी दलवीर राजपूत पुत्र सुरेश चंद्र इस लूट गिरोह का सरगना है। उसके पिता सुरेश चंद्र मैनपुरी के वार्ड नगला मुलू के सभासद हैं।


अन्य आरोपियों में अनुज शाक्य निवासी रंपुरा थाना किशनी,  गोरेलाल उर्फ नेमकुमार व सुरेश चंद्र निवासी नगला मूले थाना व जिला मैनपुरी और निर्मला निवासी मोहम्मदाबाद , फर्रुखाबाद है। जबकि इनके तीन साथी रामू सक्सेना ग्राम कुरसैंडा थाना किशनी, मधुरेश राजपूत निवासी नगला मूले और सुमित यादव निवासी बबराहा जनपद मैनपुरी पुलिस को चकमा देकर भाग गए।


शातिरों की निशानदेही पर पुलिस ने कार, बाइक, जेवर बरामद किए है। शातिरों ने 8 जुलाई 2018 को नवाबगंज थाना क्षेत्र के गांव जोगपुर निवासी सिपाही पुत्र अभय सिंह को गोली मार कर चेन लूटने की वारदात को अंजाम देने की बात कबूली। इसके अलावा ने नवाबगंज, जहानगंज थाना क्षेत्र में हुई लूट की चार-चार वारदातें अंजाम देने की बात भी स्वीकार की। इसके अलावा इन लोगों ने मैनपुरी, हरदोई और कन्नौज में भी लूट की घटनाएं अंजाम दी है।

यह सामान हुआ बरामद 

आरोपियों से बरामद हुई कार व बाइक - फोटो : अमर उजाला
एसपी ने बताया कि गिरोह का मुखिया दलवीर की ससुराल मोहम्मदाबाद के नगला बीच में है। वह सास निर्मला के पास रहकर लूट की घटनाओं को अंजाम देता था। लूटे गए जेवर सास निर्मला को देता था। वह जेवर को बेच कर रुपये दामाद दलवीर को देती थी। इस गिरोह ने मैनपुरी, फर्रुखाबाद, एटा, कन्नौज और हरदोई जिले में कई लूट की घटनाओं को अंजाम दिया है। मैनपुरी में कई मुकदमे दर्ज है।


इसी वजह से दलवीर सास के पास आकर रहने लगा था। दलवीर, अनुज और गोरेलाल उर्फ नेमकुमार की कुछ घटनाओं में शिनाख्त होने पर जुलाई में 25-25 हजार रुपये इनाम घोषित किया गया था। आरोपी अनुज शाक्य पर 9, दलवीर राजपूत पर 10 और गोरेलाल उर्फ नेमकुमार पर 6 मुकदमे दर्ज हैं।  एसपी ने पुलिस टीम को पुरस्कृत किए जाने की घोषणा की। 


यह सामान हुआ बरामद 
तीन तमंचा (315 बोर), 9 कारतूस जिंदा, एक लूटा गया मोबाइल, घटना में इस्तेमाल की जाने वाली दो कारें, लूटी गई बाइक, लूटी गई सोने की छह चेन, दो जोड़ी कुंडल, एक जोड़ी बूंदे, एक लूटा गया पर्स, लूटा गया आधार कार्ड, पेन कार्ड, पांच अंगूठी महिला, एक करधनी चांदी, एक अंगूठी पुरुष और चार हजार रुपये। इनकी कीमत लगभग 20 लाख रुपये बताई जा रही है। 

 
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 इस तरह वारदात को देते थे अंजाम

एसपी अतुल शर्मा, पीछे स्वाट टीम के साथ खड़े आरोपी  - फोटो : अमर उजाला
बदल देते थे ठिकाना
फर्रुखाबाद। बाइक से लूट की घटना को अंजाम देने में पकड़े गए गिरोह के सरगना दलवीर और उसके साथी घटना के बाद अपना ठिकाना बदल देते थे। गैंग लीडर दलवीर कभी सास निर्मला के घर रहता था तो कभी किराये पर मकान लेकर रहने लगता था। एक जिले में घटना को अंजाम देने के बाद दूसरे जिले में घटना को अंजाम देने चले जाते थे। 

 इस तरह वारदात को देते थे अंजाम
दो व तीन लोग बाइक से राहगीरों की रैकी करके पीछा करते थे। अन्य साथी कार से पीछे पीछे चलते थे। सुनसान इलाके में बाइक सवार युवक या दंपति को ओवर टेक कर रोक लेते और बाइक की चाबी निकाल लेते थे। तमंचे से जान से मारने की धमकी देकर नगदी व जेवर लूट कर फरार हो जाते थे। विरोध होने की दशा में बदमाश तमंचे से फायर कर देते थे। घटना के बाद बाइक को कहीं सुरक्षित स्थान पर छिपाने के बाद कार में बैठकर रफूचक्कर हो जाते थे। 

चोरी के जेवर खरीदने वाले भी रडार पर
एसपी ने बताया कि दलवीर गिरोह लूट की घटना को अंजाम देने के बाद जेवर सास निर्मला को देता था। वह जेवर बेच कर रुपये दामाद को देती थी। जेवर खरीदने वाले सराफा दुकानदारों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस ऐसे दुकानदारों पर भी कार्रवाई कर सकती है। 
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