कानपुर जिले में डेरापुर (कानपुर देहात) पुलिस ने सीबीआई कोर्ट को धोखा देने वाले बर्रा-8 निवासी सीताराम कटियार को बर्रा थाने से धर दबोचा। वह बुधवार को थाने में दर्ज एक मामले की पैरवी को पहुंचा था। सीताराम की गिरफ्तारी के प्रयास में लगी डेरापुर पुलिस महीनों से शहर में डेरा डाले हुए थी, लेकिन वह हाथ नहीं आ रहा था। महीनों से पुलिस कर्मी सब्जी विक्रेता बनकर उसके घर पर नजर रखे हुए थे। बुधवार को भी पकड़े जाने के बाद पहचान बदलकर गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन बर्रा पुलिस ने उसकी पहचान सामने कर डेरापुर पुलिस को सौंप दिया।
विज्ञापन
एसएसआई राम खिलाड़ी यादव ने बताया कि वर्ष 1978 को डेरापुर थाने मेंसीताराम के भाई द्विजेंद्र नाथ के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज हुई थी, जिसकी सुनवाई सीबीआई की कोर्ट, लखनऊ में चल रही थी। डेरापुर पुलिस ने वांछित द्विजेंद्र नाथ को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया तो उसने खुद को सिद्घनाथ बताया। कहा कि बड़े भाई द्विजेंद्र नाथ का वर्ष 2001 में निधन हो गया था। पुलिस ने उसे गलत पहचान के आधार पर पकड़ा है।
इसकी तस्दीक उसके भाई सीताराम ने की। सीताराम के कोर्ट में शपथ पत्र दाखिल करने पर कोर्ट ने उसे बरी कर दिया था। इधर, कोर्ट की फटकार केबाद पुलिस ने मामले की गहनता से छानबीन शुरू की तो फर्जीवाड़ा सामने आ गया। इसकेबाद सीबीआई कोर्ट ने सीताराम के खिलाफ डेरापुर पुलिस को गुमराह करने और धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश कर दिया था, जिसके बाद से पुलिस उसकी तलाश में थी।
डेरापुर पुलिस के मुताबिक सीताराम के खिलाफ हमीरपुर केफत्तेपुर कोतवाली में धोखाधड़ी के कई मामले दर्ज है। उसने सेना में नौकरी दिलाने का झांसा देकर तीन लोगों से आठ लाख रुपये की धोखाधड़ी की थी। खुद को फंसता देखकर 6 फरवरी 2018 को पीड़ित धर्मेंद्र के बहनोई बलराज पर बेटे रमन कटियार को नौकरी दिलाने के धोखाधड़ी की रिपोर्ट बर्रा थाने में दर्ज कराई थी, जिसकी पैरवी के लिए वह बुधवार थाने पहुंचा था।