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Kanpur News: इलाज नहीं होने पर निमोनिया ले सकता है बच्चे की जान

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इटावा। उप्र आयुर्विज्ञान विवि के बाल रोग विभाग व नर्सिंग संकाय के संयुक्त तत्वाधान से विश्व निमोनिया दिवस के अवसर पर निमोनिया जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज व छात्रों में निमोनिया की रोकथाम, शीघ्र पहचान व उपचार के प्रति जागरूक किया गया।
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कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. डॉ. अजय सिंह ने कहा कि निमोनिया का समय से इलाज कराने पर मरीज को कुछ दिनों में ही राहत मिल जाती है। इलाज न होने पर यह बीमारी जानलेवा बन जाती है। विभागाध्यक्ष डॉ. दिनेश कुमार ने कहा कि निमोनिया के लक्षणों को पहचानना और तुरंत इलाज कराना बहुत आवश्यक है। यह एक ऐसी बीमारी है जो बच्चों की जान ले सकती है। हर वर्ष पांच वर्ष से कम आयु के लगभग आठ लाख बच्चों की निमोनिया से मृत्यु हो जाती है। संचालन करते हुए बाल रोग विभाग की असिस्टेंट प्रो. डॉ. मुनीबा अलीम ने कहा कि निमोनिया से बचाव के लिए टीकाकरण, हाथों की स्वच्छता, संक्रमण नियंत्रण, संतुलित पोषण एवं स्तनपान अत्यंत आवश्यक है। इस मौके पर प्रतिकुलपति प्रो. डॉ. रामकांत यादव , मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो. डॉ. एसपी सिंह, मेडिकल संकायध्यक्ष प्रो.आदेश कुमार, नर्सिंग संकायध्यक्ष प्रो. बिजी बीजू सहित बाल रोग विभाग के फैकल्टी सदस्य उपस्थित रहे। नर्सिंग छात्रों, एमबीबीएस 2024 बैच के विद्यार्थियों एवं इंटर्न्स ने निमोनिया से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर आकर्षक पोस्टर प्रस्तुत किए, जिनमें रोग की पहचान, रोकथाम और टीकाकरण के महत्व को प्रदर्शित किया गया और पोस्टर के माध्यम से ओपीडी में आए लोगों को जागरूक किया गया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। यह आयोजन बाल रोग विभाग एवं नर्सिंग संकाय के सामूहिक प्रयासों से अत्यंत सफल और प्रेरणादायक रहा।
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