काशी से टेंट और लखनऊ से आए लाउडस्पीकर
शनिवार को दिनभर व्यवस्थाएं चुस्त दुरुस्त की जाती रहीं। जनसभा स्थल पर काशी से आया टेंट लगाया गया है। यहां 500 फीट लंबा और 200 फीट चौड़ा मिलाकर तीन वाटर प्रूफ तिरपाल लगाए गए हैं। वहीं, लगभग 50 हजार से अधिक कुर्सियां लखनऊ से मंगाई गई हैं। तिरपाल के सभी पोलों पर गर्मी से राहत देने के लिए 75 से ज्यादा पंखे लगाए गए हैं। वहीं, कूलरों की व्यवस्था भी की गई है।
मंच पर 45 लोगों के बैठने की व्यवस्था, आठ फीट ऊंचा बनाया मंच
मंच को आठ फीट ऊंचा और 32 फीट चौड़ा बनाया गया है। इस पर लगभग 45 लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। मंच पर प्रधानमंत्री के अलावा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष कमलावती, इटावा के जिलाध्यक्ष संजीव राजपूत समेत कन्नौज और मैनपुरी के जिलाध्यक्ष, तीनों लोकसभाओं के लिए प्रत्याशी प्रो. रामशंकर कठेरिया, जयवीर सिंह और सुब्रत पाठक भी उपस्थित रहेंगे।
एसपीजी, पुलिस और आरआरएफ की तीन कंपननियों के हवाले रहेगी सुरक्षा व्यवस्था
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा की सुरक्षा व्यवस्था त्रिस्तरीय घेरे में रहेगी। इस दौरान 3000 से ज्यादा पुलिस कर्मियों को तैनात करने की बात कही गई है। मुख्यालय से भी अतिरिक्त बल मांगा गया है। आरआरएफ की तीन कंपनियां तैनात रहेंगी। इसके साथ 300 सुरक्षा कर्मी दुरबीनों से भी पल-पल की गतिविधियों पर नजर रखेंगे।
पांच अग्निशमन विभाग की दमकलें भी तैनात रहेंगीं
सुरक्षा में एसपीजी के एडीजी और दो एआईजी स्तर के अधिकारी रहेंगे। पुलिस अधिकारियों ने शनिवार को कार्यक्रम स्थल का कई बार निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। इसके अलावा स्पेशल आर्म्स फोर्स और स्पेशल टास्क फोर्स भी तैनात रहेगी। वहीं पांच अग्निशमन विभाग की दमकलें भी तैनात रहेंगीं।
ड्रोन से भी की जाएगी निगरानी
प्रधानमंत्री की जनसभा को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। इस क्रम में ड्रोन से भी जनसभा की निगरानी की जाएगी। मंच के पास ही ड्रोन उड़ने के साथ ही जनसभा में भी लोगों पर नजर रखने के लिए ड्रोन का उपयोग किया जाएगा। वहीं, एसपीजी और पुलिस-प्रशासन ने प्रधानमंत्री के स्वागत में शामिल होने वाले लोगों की सूची में अधिकतम 20 लोग रखे हैं।
चार हेलिपैड बनाए गए, हेलिकॉप्टर उतारकर किया अभ्यास
प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर जनसभा स्थल के पास ही लगभग 50 मीटर की दूरी पर चार हेलिपैड बनाए गए हैं। इनमें से तीन हेलिपैड प्रधानमंत्री के हेलीकॉप्टर की फ्लीट के लिए बनाए गए हैं। वहीं, एक हेलिपैड मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हेलिकॉप्टर के लिए बनाया गया है। शनिवार दोपहर लगभग सवा दो बजे प्रधानमंत्री के हेलिकॉप्टर को उतारने का भी अभ्यास भी किया गया।