वहीं, बाकी बचे किसानों को विभाग की ओर से 31 सितंबर तक केवाईसी कराने का अंतिम मौका दिया गया है। उप निदेशक कृषि आरएन सिंह ने बताया कि 12वीं किश्त सिर्फ उन्हीं किसानों को जारी की जाएगी, जिन्होंने केवाईसी करा ली है। वहीं, जिन्होंने नहीं कराई है वे जन सेवा केंद्रों में जाकर जल्द से जल्द केवाईसी करा लें।
शपथ पत्र देकर फिर योजना में हो सकते शामिल
जिन किसानों की किश्त रोकी गई है। इनमें से कई सारे किसान ऐसे हैं, जो किसी निजी कंपनी में बाहर काम करते थे और उनके आयकर के दायरे में न होने के बावजूद उन्होंने कभी रिटर्न भर दिया था। इस पर उनकी किश्त रोक दी गई है। उप निदेशक ने बताया कि ऐसे किसान जिन्हें लगता है कि वे आयकर के दायरे से बाहर हैं फिर भी उन्हें योजना से बाहर कर दिया गया है, तो शपथपत्र देकर फिर से योजना का लाभ लेने का प्रयास कर सकते हैं।
ये किसान हैं सम्मान निधि के अपात्र
- आयकरदाता।
- पंजीकृत डॉक्टर, इंजीनियर, अधिवक्ता, चार्टड एकाउंटेंट और आर्किटेक।
- पूर्व या वर्तमान मंत्री, राज्यमंत्री, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक, विधायक, सांसद, जिला पंचायत अध्यक्ष, पालिका अध्यक्ष, पूर्व पालिकाध्यक्ष।
- पति, पत्नी और पुत्र में से सिर्फ एक को ही मिलेगा लाभ।
- केंद्र व राज्य सरकारों के विभाग में अधिकारी, कर्मचारी।