सबसे पहले नेताजी और उसके बाद अखिलेश यादव ने विश्वकर्मा पूजा का सार्वजनिक अवकाश घोषित किया था। भाजपा सरकार ने घोषित सार्वजनिक अवकाश निरस्त कर दिया है। सरकार की गलत नीतियों के चलते प्रदेश में गरीबी भुखमरी महंगाई और बेरोजगारी लगातार बढ़ती जा रही है।
प्रदेश सरकार ने विश्वकर्मा समाज के पुश्तैनी और परंपरागत कारोबार जैसे लोहे लकड़ी के रोजगार को बढ़ावा न देने कारण समाज का विकास रूक गया है। उन्होंने भगवान विश्वकर्मा के जन्म दिवस 17 सितंबर को विश्वकर्मा पूजा का सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग की।