कानपुर। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के स्त्री रोग विभाग में बुधवार को चिकित्सा छात्र-छात्राओं के लिए शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। उन्हें गंभीर व घातक जटिलता अब्रप्शियो प्लेसेंटी में समय पर पहचान, उपचार करने के बारे में बताया। मुख्य वक्ता प्रो. डॉ. शैली अग्रवाल ने बताया कि इसमें प्रसव से पहले गर्भाशय की दीवार से प्लेसेंटा आंशिक या पूरी तरह अलग हो जाता है।
इससे मां को गंभीर रक्तस्राव और गर्भस्थ शिशु को ऑक्सीजन व पोषक तत्वों की कमी हो सकती है। रक्तस्राव, पेट या पीठ में अचानक दर्द, गर्भाशय में कसाव और भ्रूण की हृदय गति में असामान्यता इसके प्रमुख लक्षण हैं। गंभीर मामलों में मां को शॉक, किडनी संबंधी समस्या, समय से पहले जन्म के साथ बच्चे के मरने का खतरा रहता है। ऐसे में समय पर पहचान और उपचार बेहद जरूरी है। कार्यक्रम में डॉ. किरण पांडे, विभागाध्यक्ष डॉ. सीमा द्विवेदी, डॉ. नीना गुप्ता और डॉ. वंदना शर्मा मौजूद रहीं।