इटावा। 2047 तक प्रदेश को विकसित राज्य बनाने की मुहिम सरकार ने शुरू की है। इसके तहत जिले में दो दिवसीय संवाद-सुझाव कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम के पहले दिन राजकीय इंटर कॉलेज, कलक्ट्रेट सभागार व सैफई आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय कार्यशाला का आयोजन किया गया। चौधरी चरण सिंह पीजी कॉलेज हैंवरा के प्रधानाचार्य डॉ.शैलेंद्र शर्मा ने कहा कि नई योजनाओं को लाने की जगह, पहले से चल रही योजनाओं का कियान्वयन कराया जाए। इससे नई योजनाओं को दिशा मिलेगी, जबकि पुरानी योजनाएं भी रफ्तार पकड़ सकेंगी।
शहर के राजकीय इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यशाला में सीडीओ अजय कुमार गौतम, डीआईओएस अतुल कुमार सिंह, डायट प्राचार्य प्रेमपाल सिंह समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में शासन की ओर से नियुक्त मदन वर्मा, प्रोफेसर डी गनेश्वर राव, डॉ. विस्टर जोशी, पीसी श्रीवास्तव व आशीष अस्थाना ने भी कार्यशाला के आयोजन को लेकर जानकारी दी। कृषि इंजीनियरिंग कॉलेज के अधिष्ठाता डॉ. एनके शर्मा ने कहा कि विकसित उत्तर प्रदेश के विजन को पूरा करने के लिए कृषि मशीनरीकरण के वर्तमान दर जो कि 40 प्रतिशत है उसे बढ़ाकर विकसित भारत व विकसित उत्तर प्रदेश के लिए 70 प्रतिशत तक पहुंचाना होगा। कार्यशाला में केकेडीसी कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. महेंद्र सिंह ने कहा कि छात्रों से जुड़ी योजनाओं में छात्रों का फीडबैक लेना बहुत जरूरी है। डॉ. रमाकांत राय ने कहा कि एनईपी के लक्ष्यों को प्राप्त कर लिया तो हम तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था का हिस्सा होंगे। निजी पॉलिटेक्निक की प्रधानाचार्य डॉ. नमिता तिवारी ने प्रशिक्षण से जुड़ी योजनाओं की समय सीमा बढ़ाए जाने का सुझाव दिया। इस दौरान जीआईसी प्रधानाचार्य डॉ. दीपक सक्सेना, डॉ. मुकेश यादव, डॉ.श्याम पाल सिंह, डॉ. शिवराज यादव आदि मौजूद रहे।
सरल की जाए बैंक ऋण की प्रणाली, तभी विकास संभव
कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यशाला में उद्यमी संवाद विकसित भारत विकसित उप्र विषय पर संवाद किया गया। उद्यमी महेश चंद्र कुशवाह ने कहा कि बैंक लोन लेने के लिए व्यवस्था सरल की जाए एवं किसानों को मुफ्त बिजली दी जाए। उन्होंने कहा कि ओडीओपी का कार्य धीमा चल रहा है, सूत मील की पुनर्स्थापना हो या एकीकरण गोदाम बना दिया जाए। बैठक में भामा साहब पुरस्कार से पुरस्कृत दीपक गुप्ता ने बताया कि जिले में बासमती चावल का उत्पादन किया जाता है जिसपर डायरेक्ट मार्केट रेट मिले तो किसानों को लाभ हो। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री इटावा में 24 घंटे बिजली दी जाए। कार्यक्रम में डीएम शुभ्रांत
कुमार शुक्ल, एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव, एडीएम अभिनव रंजन श्रीवास्तव, डीडीओ राकेश प्रसाद मौजूद रहे। (संवाद)
विकसित भारत के लिए एक राज्य एक स्वास्थ्य नीति जरूरी
उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (यूपीयूएमएस), सैफई में भी कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) अजय सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने के लिए एक राज्य एक स्वास्थ्य नीति की आवश्यकता है। उन्होंने चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं में नवीन तकनीकों जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ई-आईसीयू, ई-क्लासरूम और अंगदान जैसे एकीकृत कार्यक्रमों को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम में प्रति कुलपति प्रोाफेसर (डॉ.) रमाकांत, कुलसचिव अभिनव रंजन श्रीवास्तव, संकायाध्यक्ष प्रोफेसर (डॉ.) आदेश कुमार मौजूद रहे। (संवाद)