पीयूष की हत्या कर उसके माता-पिता को गोली मारने के मुकदमे की जांच एसओ कमालगंज अमर पाल सिंह कर रहे हैं। वह रविवार सुबह ही गांव पहुंच गए। वहां उन्होंने परिजनों ने बातचीत कर घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर नक्शा बनाया।
फर्रुखाबाद जिले में पीयूष हत्याकांड में एसओ व चौकी इंचार्ज की लापरवाही सामने आने के बाद भी आला अफसर दोनों को बचाने में जुट गए हैं। एसपी ने चौकी इंचार्ज को लाइन हाजिर कर कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूरी की है और पीड़ित को समझाने का प्रयास किया है। वारंट जारी होने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने और इस तरह की घटना होने के बाद भी एसओ पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
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थाना व गांव अमृतपुर निवासी पीयूष अवस्थी (22) की शनिवार सुबह परिवार के लोगों ने ही जमीन की रंजिश में गला रेतने के बाद गोली मारकर हत्या कर दी थी। पिता दिनेश चंद्र अवस्थी व मां मीरा देवी को भी गोली मारी गई थी। दोनों का इलाज चल रहा है। परिजनों ने एसओ सुनील सिंह परिहार व चौकी इंचार्ज सुनील यादव पर सूचना के बाद भी मौके पर न पहुंचने का आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग की थी।
घटनास्थल से थाना महज डेढ़ किलोमीटर और चौकी 500 मीटर दूर है। इसके बाद भी जिम्मेदार अधिकारी यह नहीं बता सके थे कि आखिर सूचना के बाद 10 किलोमीटर दूर राजेपुर थाने से एसओ फोर्स के साथ पहुंच गए और अमृतपुर पुलिस क्यों नहीं पहुंची।
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परिजनों ने दोनों पर कार्रवाई की मांग की तो एसपी अशोक कुमार मीणा ने एएसपी अजय प्रताप को जांच दे थी। देर रात एएसपी की रिपोर्ट पर एसपी ने चौकी इंचार्ज सुनील यादव को लाइन हाजिर कर दिया था। इस कार्रवाई से पीयूष के चचेरे भाई अमित व अन्य परिजन संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि कार्रवाई के नाम पर यह खानापूरी की गई है।
उन्होंने चौकी इंचार्ज और एसओ पर सख्त कार्रवाई के लिए शनिवार को ही आईजी को प्रार्थनापत्र दिया था। वारंट जारी होने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी क्यों नहीं की गई। इसका जवाब भी अधिकारी नहीं दे पा रहे हैं। पुलिस ने पीयूष के भाई अनुभव की तहरीर पर रामबाबू उर्फ बदल्ला अवस्थी सहित 11 लोगों के खिलाफ अपहरण कर हत्या करने का मुकदमा दर्ज किया गया था।
रविवार को एसओजी प्रभारी बलराज भाटी व एसओ राजेपुर दिनेेश कुमार गौतम ने जनपद शाहजहांपुर के थाना कलान क्षेत्र में आरोपियों के रिश्तेदारों में घर में दबिश देकर तीन लोगों को पकड़ लिया। गांव में ही आरोपियों के परिवार के दो युवकों को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने आरोपियों के घर से चार महिलाओं को शनिवार को ही पकड़ लिया था। पुलिस पकड़े गए लोगों से आरोपियों के बारे में पूछताछ कर रही है।
पुलिस की निगरानी में हुआ अंतिम संस्कार
पांचाल घाट पर पुलिस की कड़ी निगरानी में पीयूष का अंतिम संस्कार हुआ। चचेरे भाई अमित अवस्थी ने मुखाग्नि दी। रविवार को परिवार के लोग पीयूष के शव को अंतिम संस्कार के लिए पांचाल घाट लेकर पहुंचे। उनके साथ में अमृतपुर एसओ सुनील सिंह परिहार, एसओ राजेपुर दिनेेश कुमार गौतम फोर्स के साथ रहे। शहर कोतवाल विनोद कुमार शुक्ला फोर्स के साथ वहां पर पहले से ही पहुंच गए थे। पांचाल घाट पर पीयूष के परिजन रो-रो बेहाल हो गए। गांव के लोग भी पीयूष के भोलेपन की दुहाई देकर पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगा रहे थे।
हत्या की विवेचना कर रहे एसओ ने जुटाए साक्ष्य
पीयूष की हत्या कर उसके माता-पिता को गोली मारने के मुकदमे की जांच एसओ कमालगंज अमर पाल सिंह कर रहे हैं। वह रविवार सुबह ही गांव पहुंच गए। वहां उन्होंने परिजनों ने बातचीत कर घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर नक्शा बनाया। आरोपियों के तमंचे लहराते हुए भागने के सीसीटीवी के फुटेज एकत्र किए। गांव के लोगों से आरोपियों के बारे में पूछताछ की। दोनों पक्षों में चल रही मुकदमेबाजी के संबंध में भी जानकारी एकत्र की।
पीयूष के खिलाफ भी दर्ज कराए थे दो मुकदमे
आरोपी अरुण कुमार उर्फ नन्हें लला ने कोर्ट के आदेेश पर अमृतपुर थाने में पीयूष, अनुभव, आलोक, अमित, दिनेश चंद्र अवस्थी व दीक्षा के खिलाफ 30 जनवरी को घर में घुसकर मारपीट व छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने जांच के बाद गाली-गलौज की धारा में चार्जशीट लगाई थी। इससे पहले अरुण कुमार ने जनपद शाहजहांपुर थाना मिर्जापुर में पीयूष सहित परिवार के लोगों के खिलाफ जानलेेवा हमले का मुकदमा दर्ज कराया था।
जानवरों को चारा मुहैया कराने के दिए आदेश
पीयूष की हत्या के बाद से आरोपियों के घरों के बाहर सन्नाटा पसरा है। आरोपियों के जानवर भूख व प्यास से तड़प रहे थे। रविवार को सीओ अमृतपुर अजेय कुमार शर्मा गांव पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले पीयूष के परिजनों से बात की। आरोपियों की धरपकड़ में लगी टीमों को दिशानिर्देश दिए। आरोपियों के जानवर को भूखा-प्यासा देखकर पुलिस को चारा-पानी का इंतजाम करने के आदेश दिए।
दिनेश की स्थिति नाजुक, पत्नी की हालत में सुधार
गोली से घायल दिनेेश व पत्नी मीरा को परिजन लखनऊ ट्रामा सेंटर में इलाज के लिए ले गए थे। वहां रविवार को दिनेश की हालत नाजुक बनी हुई है। उनकी पत्नी मीरा देवी के पैर में गोली लगी थी। उनकी हालत में सुधार है।