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गाेयल ने अखिलेश-माया पर बाेला हमला, कहा दाेनाें ने मिलकर राेक दिया यूपी का विकास

Tue, 14 Feb 2017 11:22 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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अमर उजाला के कार्यक्रम अामने-सामने में संवाद करते केंद्रीय उर्जा मंत्री पीयूष गाेयल - फोटो : रविंदर सिंह भाटिया, अमर उजाला कानपुर
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केंद्रीय ऊर्जा एवं कोयला मंत्री पीयूष गोयल ने यूपी में पिछड़े औद्योगिक विकास पर प्रदेश की पूर्व सपा और बसपा की सरकारों को कटघरे में खड़ा किया। मंगलवार को रूमा स्थित एलेन हाउस ग्रुप ऑफ कॉलेजेज में अमर उजाला आमने-सामने कार्यक्रम में वे बोले कि यहां के औद्योगिक शहरों को सहूलियतें और संसाधन नहीं मिले। गत 15-20 वर्षों में यहां की सरकारों ने विकास को गति नहीं दी। पूरे बसपा शासन में सिर्फ 23 गांवों तक बिजली पहुंची, जबकि सपा सरकार में सिर्फ 3 गांवों का विद्युतीकरण हुआ। केंद्र में भाजपा की सरकार आने के बाद अब तक 1360 गांवों में बिजली पहुंचा दी गई है। आने वाले दिनों में देश के सभी राज्यों में बिजली पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। 

विद्युत प्रवाह एप देखकर दी ताजा जानकारी
गोयल ने अपने मोबाइल पर विद्युत प्रवाह एप पर प्रदेश में बिजली आपूर्ति की स्थिति देखकर और जनता को दिखाकर कहा कि इस समय प्रदेश में बिजली की जीरो डिमांड है, एप डाउनलोड करके कोई भी कभी भी बिजली आपूर्ति की स्थिति देख सकता है। जीरो डिमांड यानी प्रदेश में बिजली की कोई मांग नहीं है, भरपूर बिजली मिल रही है। प्रदेश अभी या जब भी चाहे जितनी बिजली खरीद सकता है, हम देने को तैयार हैं।
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सभी पॉवर प्लांट अपग्रेड होंगे 
ऊर्जा मंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश में 25 साल पुराने सभी पॉवर प्लांटों को अपग्रेड किया जाएगा। इनकी क्षमता दोगुनी करने की तैयारी चल रही है। इसके विपरीत प्रदेश सरकार महंगी बिजली खरीद रही है, जबकि सरकार चाहे तो उसे 3.10 रुपये प्रति यूनिट बिजली मिल सकती है। प्रदेश में कोयले की कोई कमी नहीं है, उत्पादन का कोई संकट नहीं है फिर भी लोगों को भरपूर और सस्ती बिजली नहीं मिल रही। 
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प्रदेश सरकार की मंशा विकासपरक नहीं 
गोयल ने कहा कि प्रदेश सरकार की मंशा विकासपरक नहीं है। केंद्र से मिले धन का भरपूर इस्तेमाल नहीं हो रहा है। ऊर्जा, स्वच्छता और स्वास्थ्य के नाम पर हजारों करोड़ रुपये का फंड दिया गया लेकिन इसका कोई हिसाब नहीं है। कुछ अधिकार राज्य के अधीन होते हैं, इस वजह से केंद्र ज्यादा दखल नहीं दे पाता। जो योजनाएं केंद्र की ओर से सीधे चलाई गईं उनका नतीजा सभी के सामने है। उज्जवला योजना के तहत केंद्र सरकार ने डेढ़ करोड़ लोगों को एक साल के अंदर घरेलू गैस कनेक्शन मुफ्त उपलब्ध करवाए। 
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