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Pitru Paksha 2024: पिंडदान और तर्पण से मिलेगी पितरों की कृपा, राशिवार करें दान

Tue, 17 Sep 2024 11:59 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

पितृपक्ष के दौरान पितृ अपने परिजनों के आस-पास रहते हैं इसलिए इन दिनों कोई भी ऐसा काम नहीं करना चाहिए, जिससे पितृ गण नाराज हों। शास्त्रों में ऐसा माना जाता है कि पितृगण पितृपक्ष में पृथ्वी पर आते हैं और 16 दिनों तक पृथ्वी पर रहने के बाद अपने लोक लौट जाते हैं।
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पितृ पक्ष - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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पितृ पक्ष 18 सितंबर से शुरू हो रहे हैं। ये दो अक्तूबर तक रहेंगे। इस दौरान पिंडदान और तर्पण करने से उनकी आत्मा तृप्त और प्रसन्न होकर हमें सदा सुखी और खुशहाल रहने का आशीर्वाद देती है। ज्योतिषाचार्य मनोज कुमार द्विवेदी के अनुसार, बड़े पुत्र और सबसे छोटे पुत्र को श्राद्ध करने का अधिकार है। इसके अलावा विशेष परिस्थिति में किसी भी पुत्र को श्राद्ध करने का अधिकार है। पितरों का श्राद्ध करने से पूर्व स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
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ज्योतिषाचार्य स्वाति सक्सेना के अनुसार, श्राद्ध के दिनों में श्रीमद् भागवत का महात्म्य सुनने या पढ़ने से अकाल मृत्यु के प्रभाव से बचाव होता है। वहीं, उनकी आत्मा को शांति के साथ मोक्ष की प्राप्ति होती है। घर में चौमुखी दीपक को दक्षिण दिशा में जलाने पर पितृ दोष से भी मुक्ति मिलती है। घर में समृद्धि का वास होता है।
 

इस तरह करें दान
मेष और वृश्चिक - सफेद तिल, गुड़ से बनी चीजें व गर्म कपड़ों का दान करें।
मिथुन और कन्या - फल, मिष्ठान का दान और गरीबों को भोजन करवाना चाहिए।
कर्क - खीर, सफेद तिल, मिष्ठान और जल का दान करना चाहिए।
सिंह - गेहूं, मिश्रित अनाज व गुड़ का दान करना चाहिए।
वृषभ और तुला - नमकीन भोज्य पदार्थ, और वस्त्र का दान करना चाहिए।
धनु और मीन - हल्दी युक्त भोज्य पदार्थ, अक्षत, गुड़ व वस्त्र दान करने चाहिए।
मकर और कुंभ - काली उड़द से बना नमकीन भोज्य पदार्थ, गर्म वस्त्र और धन का दान करें।

 
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एक नजर श्राद्ध तिथियों पर 
पूर्णिमा का श्राद्ध : 17 सितंबर मंगलवार
प्रतिपदा का श्राद्ध : 18 सितंबर बुधवार
द्वितीया का श्राद्ध : 19 सितंबर गुरुवार
तृतीया का श्राद्ध : 20 सितंबर शु्क्रवार
चतुर्थी का श्राद्ध : 21 सितंबर शनिवार
पंचमी/षष्टी का श्राद्ध : 22 सितंबर रविवार
सप्तमी का श्राद्ध : 23 सितंबर सोमवार
अष्टमी का श्राद्ध : 24 सितंबर मंगलवार
नवमी का श्राद्ध : 25 सितंबर बुधवार
दशमी का श्राद्ध : 26 सितंबर गुरुवार
एकादशी का श्राद्ध : 27 सितंबर शुक्रवार
द्वादशी का श्राद्ध : 29 सितंबर रविवार
त्रयोदशी का श्राद्ध : 30 सितंबर सोमवार
चतुर्दशी का श्राद्ध : 1 अक्टूबर मंगलवार
सर्व पितृ अमावस्या : 2 अक्टूबर बुधवार
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