कानपुर। कांशीराम संयुक्त चिकित्सालय एवं ट्रॉमा सेंटर में मरीजों और तीमारदारों को भ्रमित करने वाली फर्जी आशा कार्यकर्ताओं के खिलाफ अस्पताल प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। परिसर में सक्रिय संदिग्ध आशाओं को चिह्नित किया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पीयूष मिश्रा ने संदिग्ध महिलाओं की फोटो मंगवाई हैं, जिन्हें महिला विंग में चस्पा किया जाएगा।
सीएमएस इस मामले की शिकायत पहले ही जिलाधिकारी से कर चुके हैं। मंगलवार को उन्होंने अस्पताल के डॉक्टरों और अधीनस्थ स्टाफ को भी कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना वैध पहचान पत्र के परिसर में कोई भी व्यक्ति मिला तो उसके खिलाफ विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. मिश्रा ने बताया कि फर्जी आशाओं का गिरोह महिला विंग में आने वाली गर्भवती और उनके परिजनों को बरगलाकर निजी केंद्रों पर अल्ट्रासाउंड व ब्लड टेस्ट कराने तथा निजी अस्पतालों में प्रसव कराने के लिए प्रेरित करता था। इससे जरूरतमंद महिलाएं अस्पताल की निशुल्क सुविधाओं और जननी सुरक्षा योजना के लाभ से वंचित हो रही थीं। अस्पताल परिसर को फर्जी आशाओं से मुक्त कराने के लिए संदिग्धों के फोटो महिला विंग में चस्पा किए जाएंगे।