निषादराज योजना में मत्स्य निरीक्षक ने बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा करने का किया प्रयास
माई सिटी रिपोर्टर
कानपुर। मत्स्य विभाग में निषादराज बोट योजना के नाम पर मत्स्य निरीक्षक सुनील कुमार ने बड़े खेल किए हैं। मत्स्य निरीक्षक के निलंबन के बाद सामने आया कि योजना के तहत चयनित लाभार्थियों के नाम पर फर्जी बिल पोर्टल पर अपलोड कर अनुदान दिलाने की कोशिश की। चौंकाने वाली बात यह रही कि एक ही पुरानी नाव के साथ चार अलग-अलग लाभार्थियों की नदी किनारे फोटो खींचकर उसे नई नाव बताया गया। मामला तब खुला जब अनुदान संस्तुति के लिए फाइल उपनिदेशक के पास पहुंची। फोटो देखकर नाव पुरानी होने का संदेह हुआ तो घाटमपुर एसडीएम से जांच कराई गई। जांच में गड़बड़ी सही पाई गई थी। इसके बावजूद लंबे समय तक निरीक्षक पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
निषादराज योजना मछुआरा समुदाय को नाव, जाल, तालाब निर्माण और मत्स्य पालन के लिए आर्थिक सहायता देने की महत्वपूर्ण योजना है। योजना के तहत घाटमपुर ब्लॉक के लाभार्थी निषादराज, तीरथ सिंह, उमा सिंह और पप्पू को सहायता राशि दिलाने के लिए एक पुरानी नाव पर बैठा कर नदी के ऊपर सभी की बारी-बारी से फोटो खिंचवाई और बोट समेत अन्य चीजों के फर्जी बिल अपलोड कर दिए गए थे। यही नहीं, वित्तीय वर्ष 2025–26 में मछली पालन मद में घाटमपुर के मनोज कुमार के नाम पर तालाब का पट्टा दिखाकर अनुदान दिलाने की कोशिश की थी। शिकायत पर जांच में पता चला कि मनोज कुमार के नाम कोई पट्टा स्वीकृत ही नहीं था। इसके बाद उसका नाम भुगतान सूची से हटा दिया गया। मामला जब मंत्री स्तर तक पहुंचा, तब निर्देश के बाद निरीक्षक सुनील सिंह को निलंबित किया गया।
मत्स्य विभाग में बड़े पैमाने पर हुई कार्रवाई के अगले ही दिन बुधवार को कार्यालय का नजारा बदला-बदला नजर आया। पूरे दफ्तर में सन्नाटा पसरा रहा और कामकाज ठप दिखाई दिया। हालात यह रहे कि आउटसोर्सिंग स्टाफ तक मौजूद नहीं था। मौके पर केवल एक महिला बाबू मिलीं जो अपनी फाइलों को व्यवस्थित कर रही थीं। इन्हे पहले ही निदेशालय अटैच किया जा चुका है।
कलक्ट्रेट में आयोजित जिला स्तरीय मत्स्य समिति की बैठक बुधवार को उस समय चर्चा का विषय बन गई जब निलंबित मत्स्य निरीक्षक सुनील सिंह बैठक में पहुंच गए। परिचय होते ही डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने सख्त लहजे में पूछा कि निलंबन की स्थिति में वह बैठक में कैसे शामिल हो सकते हैं। बताया गया कि विभाग के नए अधिकारियों ने जानकारी देने के लिए उन्हें बुलाने की बात कही, लेकिन डीएम ने तत्काल निर्देश देते हुए निलंबित मत्स्य निरिक्षक को बैठक कक्ष से बाहर जाने के लिए कहा। (ब्यूरो)