कानपुर। चेकोस्लोवाकिया के कारोबारी गैंगेला से फर्जी दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य का इस्तेमाल कर शातिरों ने दो करोड़ रुपये ठग लिए। पनकी पुलिस ने पश्चिमी जोन के साइबर सेल प्रभारी शुभम यादव की तहरीर पर नौबस्ता और मुंबई के दो आरोपियों पर धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। विदेशी कारोबारी ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय को घटना के संबंध में ई-मेल किया था, जहां से जांच पश्चिमी जोन के साइबर सेल को ट्रांसफर की गई थी। पुलिस ने तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है।
गैंगेला की चेक रिपब्लिक गणराज्य के फ्रेनस्टैट पॉड रैडोस्टेम में गैंगेला एसआरओ नाम से कंपनी है। यहां अदर नॉन ड्यूरेबल मिसलेनियस गुड्स (अन्य विविध गैर टिकाऊ वस्तुएं) का कारोबार होता है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक उनकी कंपनी को स्टील की आवश्यकता थी। वहां के अधिकारियों ने कंपनियों को सर्च किया, जिसमें पनकी के अपट्रॉन स्टेट की एक फर्म का पता चला। कंपनी के पदाधिकारियों ने फर्म से संपर्क किया। दोनों ओर से ईमेल के जरिये संवाद शुरू हो गया। स्टील के निर्यात लिए डील फाइनल हुई।
कंपनी ने 200 हजार डॉलर (करीब दो करोड़ रुपये) पनकी स्थित वर्धमान इंडस्ट्रीज के खाते में ट्रांसफर कर दिए। रुपये देने के बावजूद चेक रिपब्लिक कंपनी को स्टील नहीं भेजी गई। ई-मेल और अन्य दस्तावेजों की जांच कराई गई तो वह फर्जी निकले। कारोबारी गैंगेला ने इसी साल 13 जनवरी को पुलिस कमिश्नर कार्यालय को ई-मेल कर घटना के संबंध में शिकायत की।
पनकी थाना प्रभारी मनोज सिंह भदौरिया ने बताया कि मामले की विवेचना साइबर सेल ने की। उनके प्रभारी की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई है। उनकी जांच में सामने आया है कि वर्धमान इंडस्ट्रीज से रुपयों को मुंबई की नेशनल स्टील एंड फेरो अलॉय इंडस्ट्रीज के खाते में ट्रांसफर किया गया। वर्धमान इंडस्ट्रीज को रुपये खाताधारक नौबस्ता पशुपतिनगर निवासी अरविंद यादव और नेशनल स्टील एंड फेरो अलॉय इंडस्ट्रीज की राशि शक्तिनगर जोगेश्वरी बेस्ट मुंबई के रामकुमार राय के खाते में भेजे गए थे। पनकी थाने में अरविंद यादव और रामकुमार राय के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई हैं।
साइबर सेल की जांच में पता चला कि आरोपियों ने करीब दो करोड़ रुपये बाद में मुंबई के दो अन्य के खातों में ट्रांसफर कर दिए। उनकी तलाश भी चल रही है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने के बाद कुछ लोगों को हिरासत में लिया है। डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि मामला गंभीर है। प्रारंभिक जांच में फर्जी फर्म बनाकर राशि ट्रांसफर कराने की जानकारी हुई है।