जयपाल सिंह ने पीएफ इंस्पेक्टर पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया था। बताया था कि मामले के पटाक्षेप के लिए उनसे चार लाख घूस मांगी जा रही है। अंत में तीन लाख में समझौता हुआ है। शिकायत के बाद सीबीआई तीन दिन से छानबीन में लगी थी। सोमवार को जयपाल से तीन लाख रुपये लेते सीबीआई ने पीएफ इंस्पेक्टर के कंसल्टेंट को पकड़ा था। उसी ने पीएफ इंस्पेक्टर की पूरी पोल खोली। इसके बाद सीबीआई ने दोनों को पकड़ लिया था। सीबीआई सोमवार रात में पीएफ इंस्पेक्टर के घर पहुंची। यहां से प्रापर्टी के दस्तावेज जब्त किए।
पीएफ इंस्पेक्टर का कार्य क्षेत्र बदला, लेकिन आईडी नहीं
पीएफ इंस्पेक्टर अमित श्रीवास्तव का कार्य क्षेत्र पहले चौबेपुर था। 15 दिन पहले उसे काकादेव व आसपास के क्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई। हालांकि उसकी आईडी चौबेपुर में ही बनी रही। आरोप है कि इसके चलते ही वह चौबेपुर के मामले को निपटाने का दंभ भरते हुए धन उगाही के प्रयास में था। सीबीआई की कार्रवाई के बाद उसकी आईडी और पासवर्ड बदला गया है।