कानपुर। केडीए की बहुचर्चित न्यू कानपुर सिटी योजना को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने भू अर्जन के विरोध में अनूप सिंह यादव व अन्य काश्तकारों की ओर से डाली गई याचिका को निरस्त कर दिया। केडीए 71 फीसदी भूमि पहले ही अर्जित कर चुका है।
केडीए के विशेष कार्याधिकारी (विधि) सत शुक्ला ने बताया कि केडीए 153.2 हेक्टेयर भूमि पर न्यू कानपुर सिटी बसा रहा है जिसमें से 108 हेक्टेयर यानि 71 परसेंट भूमि प्राधिकरण के पक्ष में अर्जित यानि क्रय की जा चुकी है। शेष भूमि सहमति के आधार पर क्रय की जा रही है जो भूमि सहमति के आधार पर नहीं मिली उसे पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 और उप्र. नियमावली 2016 के प्रावधानों के अंतर्गत नियमानुसार अर्जित की जा रही है। इन्हीं में अनूप यादव व कुछ अन्य काश्तकारों ने हाईकोर्ट में भू अर्जन के विरोध में हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। केडीए की ओर से मुख्य स्थायी अधिवक्ता और प्राधिकरण के अधिवक्ता जेएन मौर्या ने पक्ष प्रस्तुत किया जिसपर केडीए की ओर से की जा रही भू-अर्जन की कार्यवाही की पुष्टि कर दी गई है। स्थल पर विकास कार्य भी कराया जा रहा है। (संवाद)