Tax raid: पीयूष जैन को टीम ने गिरफ्तार किया
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इत्र कारोबारी पीयूष जैन के ठिकानों से मिली करोड़ों की नकदी और सोना-चांदी के स्रोतों का आज खुलासा हो सकता है। डीजीजीआई (महानिदेशालय जीएसटी इंटेलिजेंस) अहमदाबाद की अब तक की जांच में यही सामने आया है कि रकम हवाला की है और इसमें पांच से छह लोग शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार पीयूष के ठिकानों से बड़े पैमाने पर इत्र और कंपाउंड का स्टॉक भी पकड़ा गया है। सभी का मिलान किया जा रहा है, जिसके सोमवार तक पूरे होने की उम्मीद है।
डीजीजीआई की जांच में पता चला है कि मेसर्स त्रिमूर्ति फ्रैगरेंस प्राइवेट लिमिटेड शिखर पान मसाला और तंबाकू बनाती है। पीयूष जैन की मेसर्स ओडोचेम कंपनी कन्नौज में इत्र का कारोबार करती है। कंपनी ज्यादातर काम नकद में करती है और बेहद गोपनीय तरीके से परिसर में करोड़ों रुपये छिपाए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, मुखौटा कंपनियों और फर्जी इनवाइस के जरिये करोड़ों रुपये इधर से उधर किए गए। गुजरात में पकड़े गए ट्रकों के इनपुट और लंबे समय तक रेकी के बाद इतने बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई। गुजरात में पकड़े गए ट्रकों की जांच में पता चला था कि माल अलग-अलग रूटों पर भेजा गया दिखाया जाता था पर जाता कहीं और था।
रात तक गिने 110 करोड़
सूत्रों के अनुसार पीयूष के कन्नौज स्थित आवास पर रविवार रात तक 110 करोड़ रुपये की गिनती हो चुकी थी। गिनती दोपहर में शुरू की गई थी। कैश काउंटिंग मशीन चलाने की जानकारी केवल दो बैंककर्मियों को होने के कारण देररात तक यह काम चलता रहा।
बड़े नोट ज्यादा, छोटे कम
सूत्रों ने बताया कि कन्नौज में भी दो हजार, 500, 100, 50, 20 और 10 के नोट मिले हैं। हालांकि, इसमें छोटे नोटों की संख्या कम है। आनंदपुरी की तरह वहां भी दीवारों में रुपये छिपाए गए थे।
लखनऊ-गुजरात से भी आईं टीमें
सूत्रों के अनुसार, दीवारों की खुदाई के लिए स्थानीय मजदूरों की मदद ली गई। जांच का दायरा बढ़ने पर लखनऊ और गुजरात से दो और टीमें कन्नौज पहुंच गई हैं।