इत्र नगरी कन्नौज को विश्व मानचित्र पर लाने के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक प्रतिनिधिमंडल विश्व की परफ्यूम कैपिटल कहलाने वाले फ्रांस के शहर ग्रासे जाएगा। माह अंत में होने वाले इस दौरे में कन्नौज के इत्र उद्यमियों के साथ यूपीएसआईडीसी के प्रबंध निदेशक भी रहेंगे।
दौरे का उद्देश्य कन्नौज में अत्याधुनिक तकनीक की स्थापना की संभावनाएं तलाशना है। यूपीएसआईडीसी के प्रबंध निदेशक मनोज सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में 21 मई को प्रतिनिधिमंडल फ्रांस के लिए रवाना होगा। उन्होंने बताया कि ग्रासे शहर का इत्र उद्योग 18वीं शताब्दी का है।
करीब दो हजार अलग-अलग तरह की खुशबुओं का उत्पादन यहां होता है, जिस वजह से यह विश्व में परफ्यूम कैपिटल के रूप में भी पहचाना जाता है। इस शहर के इत्र उद्योग का सालाना 50 अरब का टर्नओवर है। वहां सुगंधित फूलों की खेती और परफ्यूम के उत्पादन का तरीका अत्याधुनिक है।
कन्नौज में भी इत्र का खासा उत्पादन होता है। पर सीमित संसाधन और जानकारियों के चलते इसे विश्व स्तर पर उतनी ख्याति प्राप्त नहीं हो रही है, जितनी होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने इस बाबत एक पूरी कार्ययोजना तैयार की है। इस सिलसिले में प्रतिनिधिमंडल ग्रासे शहर जाएगा और वहां इत्र उत्पादन की बारीकियां समझेगा।
प्रतिनिधिमंडल में मुख्यमंत्री के विशेष सचिव जीएस नवीन कुमार के अलावा कन्नौज के इत्र उद्यमी पम्मी जैन, त्रिलोकी नाथ टंडन, मुदस्सिर और मनोज दीक्षित भी रहेंगे। वहां इत्र उत्पादन की नई तकनीक की जानकारी भी की जाएगी। साथ ही कन्नौज में निवेश की संभावनाओं को भी तलाशा जाएगा।
यदि सब कुछ बेहतर रहा तो साझा उद्यम की स्थापना संबंधी करार भी किए जाएंगे। इन गतिविधियों के संचालन के लिए आवश्यक भूमि यूपीएसआईडीसी देगा। इसके अलावा तकनीक प्रशिक्षण भी मुहैया कराया जाएगा।