डॉ. अरुण द्विवेदी
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कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में गोपालगंज पीएचसी के स्टाफ ने कुछ ऐसा जज्बा दिखाया, जिसकी सराहना लोग कर रहे हैं। यहां के डाक्टर और कर्मचारी एक-एक करके संक्रमित होते रहे लेकिन उन्होंने अपनी सेवाएं बंद नहीं कीं। फोन पर परामर्श दिया तो व्हाट्सएप पर दवा लिखकर भेजी। खुद के इलाज के साथ उन्होंने क्षेत्र से आने वालों की भी सेवा की। स्वस्थ होने के बाद फिर से अस्पताल पहुंचकर मरीजों की मदद में जुट गए।
कल्यानपुर थानाक्षेत्र के गोपालगंज पीएचसी में कोरोना की दूसरी लहर का जबरदस्त असर हुआ। यहां तैनात तीन डाक्टर संक्रमित होकर होम आइसोलेट हो गए। जबकि यहां तैनात 17 स्वास्थ्य कर्मी भी संक्रमण की चपेट में आकर घर में कैद हो गए। ऐसे में पीएचसी की स्वास्थ्य सेवाएं चरमराईं और 24 घंटे के लिए अस्थाई रूप से सेवाएं बंद तक करनी पड़ीं। लोगों में इलाज को लेकर चिंता बढ़ी तो प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अरुण द्विवेदी जो खुद संक्रमित थे, उन्होंने इस संकट की घड़ी में गजब का जज्बा दिखाया और अपने साथियों को भी प्रेरित किया।
उन्होंने दूरभाष के जरिए क्षेत्रीय लोगों को परामर्श देना शुरू किया। लक्षण के आधार पर उन्हें व्हाट्सएप पर दवाएं लिखकर भेजीं। साथियों में ऊर्जा आई तो प्रभारी की अनुपस्थिति में डॉ. अमलेश जोशी ने सभी साथियों की हौसला अफजाई की और ग्रामीणों की मदद के लिए तरह-तरह का प्रयास करते रहे। ऐसे में पीएचसी की चरमरा रही व्यवस्था फिर से पटरी पर लौट आई।
डा. अरुण द्विवेदी बताते हैं कि संक्रमण के दौरान क्षेत्रीय लोगों के बीच तालमेल बनाकर जिम्मेदारी निभाने का जो अनुभव मिला वह अविस्मरणीय है। उनकी गैर मौजूदगी में डॉ. जोशी के प्रयास व उनकी हौसला आफजाई ने स्टाफ में नई ऊर्जा भर दी। जिसके चलते आज पूरा स्टाफ संक्रमण के खिलाफ अपना पूरा योगदान दे रहा है।