बदलते मौसम में जुकाम, बुखार, खांसी के मरीज बढ़ गए हैं। शुक्रवार को हैलट ओपीडी में पहुंचे मरीजों में से करीब 35 प्रतिशत मरीजों ने डॉक्टरों को यही बीमारियां बताईं। चर्म रोग विभाग में भी खुजली, चिकन पॉक्स, स्केबीज, डैंड्रफ के मरीजों की संख्या ज्यादा रही। डॉक्टरों ने 15 दिन तक ठंडा पानी, एसी, कूलर से परहेज करने पर भी जोर दिया है।
हैलट ओपीडी के मेडिसिन विभाग में सुबह से ही मरीजों की भीड़ लगने लगी थी। इस विभाग में जीएसवीएम मेडिकल कालेज मेडिसिन विभाग के डॉ. एसके गौतम और डॉ. सौरभ अग्रवाल ने मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। दोपहर 2 बजे तक दोनों ने साढ़े पांच सौ से ज्यादा मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। डॉ. एसके गौतम ने बताया कि दिन में तेज धूप और सुबह, शाम, रात में ठंड पड़ रही है। आमतौर पर लोग सुबह घर से निकलते समय गर्मियों की तरह कपड़े पहनकर निकलने लगे हैं, पर घर लौटते समय तापमान लुढ़कने लगता है, जिसकी वजह से वे जुकाम, बुखार, खांसी की चपेट में आ रहे हैं।
इतना ही नहीं धूप से लौटकर ठंडा पानी पीना, एसी या कूलर चलाना भी इन बीमारियों की वजह बन गया है। डॉ. सौरभ अग्रवाल ने बताया कि 15-20 दिन में ठंड खत्म हो जाएगी। धीरे - धीरे शरीर भी गर्मी के मौसम के अनुरूप ढल जाएगा, तब इस तरह की दिक्कतें नहीं होंगी। कम पानी पीने और खानपान में गड़बड़ी की वजह से डायरिया, लूज मोशन के मरीज भी आने लगे हैं। इस अस्पताल के चर्म रोग विभाग में 453 मरीज आए। इस विभाग में मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण करने वाले डॉ. डीपी शिवहरे ने बताया कि त्वचा में सूखापन, खुजली, स्केबीज (त्वचा में खुजली और छोटे दाने पड़ना), चिकन पॉक्स, हर्पीज, फंगश के मरीज भी आने लगे हैं।
ये बरतें एहतियात
ठंडा पानी न पिएं, एसी या कूलर चलाने के बजाय थोड़ी गर्मी बर्दास्त करें, रोज दो लीटर से ज्यादा पानी पिएं, पौष्टिक भोजन करें, कटे-फटे एवं खुले में रखे फल न खाएं, साफ-सफाई पर ध्यान दें।