एंबुलेंस को सैनिटाइज करता कर्मचारी
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उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में रामनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से बीमार छात्रा को इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। 108 एंबुलेंस छात्रा सहित उसके माता पिता को जिला अस्पताल ले आयी। इलाज के बाद जब घर छोडऩे के लिए कहा गया तो एंबुलेंस के चालक व परिचालक ने कहा कि लाने की गारंटी है ले जाने की नहीं।
ऐसे में लॉकडाउन के चलते अब कोई दूसरा साधन भी नहीं मिल रहा है जिससे छात्रा सहित परिवार के सदस्य परेशान हैं। रामनगर निवासी संगीता (16) पुत्री दिलखुश को बीमारी के चलते रामनगर सामुदायिक अस्तपाल में परिजनों ने भर्ती कराया था। जहां से इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया।
108 एंबुुलेंस से जिला अस्पताल लाया गया। इलाज होने के बाद अब घर जाने की समस्या खड़ी हो गई है। लॉकडाउन के कारण दूसरे साधन नहीं मिल रहे। पिता दिलखुश ने बताया 108 एंबुलेस के चालक-परिचालकों से बात करने पर कहते है कि मरीज को अस्पताल लाने का काम है अब बिना अनुमति ले जाने की नहीं है।