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रक्तदाता दिवस पर भी खून के लिए तरसा और फिर तड़पकर मर गया धर्मेन्द्र

Thu, 15 Jun 2017 09:16 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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डेमो पिक
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यूपी के कानपुर में विश्व रक्तदाता दिवस पर सिस्टम पर सवाल उठाता एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां के हैलट हॉस्पिटल में एक मरीज सवा दो घंटे तक खून न मिलने से तड़पता रहा और फिर जब खून आया तब तक उसकी जान जा चुकी थी।   
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गंगाघाट निवासी राम सनेही का बेटा धर्मेंद्र (22) उन्नाव रेलवे स्टेशन में ट्रेनों में समोसे बेचता था। बुधवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे ट्रेन में चढ़ते समय पैर फिसलने से वह ट्रैक पर गिरा और उसी गाड़ी से उसके दोनों पैर कट गए। वह वहीं तड़पने लगा। साथियों ने लहूलुहान हालत में उसे उठाकर प्लेटफार्म पर लिटाया। जीआरपी की मदद से उसे उन्नाव जिला चिकित्सालय ले जाया गया, जहां से 108 एंबुलेंस से उसे दोपहर करीब 12 बजे हैलट इमरजेंसी लाया गया। हड्डी विभाग में डॉ. अजय भारती की यूनिट ने तुरंत उसका उपचार किया।

जूनियर डॉक्टरों ने उसकी जान बचाने के लिए तुरंत ब्लड लाने के लिए कहा। ईएमओ डॉ. विनय ने उसे फ्री ब्लड देने की संस्तुति करते हुए फार्म सहित धर्मेंद्र के पिता को मेडिकल कॉलेज ब्लड बैंक भेजा। तीमारदार मेडिकल कॉलेज ब्लड बैंक गए, पर उन्होंने ईएमओ के आदेश पर ब्लड देने से इनकार कर दिया। तीमारदारों के अनुसार वे दोबारा ईएमओ के पास गए। इस प्रकार इमरजेंसी और ब्लड बैंक के तीन चक्कर लगाए। इस बीच अत्यधिक खून बहने से उसकी हालत बिगड़ने लगी। ब्लड बैंक की प्रभारी डॉ. लुबना खान से आग्रह करने के बाद ढाई बजे ब्लड मिला, पर तब तक धर्मेंद्र की मौत हो गई थी।
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आप भी जानें, क्या कह रहे हैं ये जिम्मेदार...

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जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज ब्लड बैंक प्रभारी  डॉ. लुबना खान ने कहा कि हां, यह सच है कि ईएमओ के आदेश पर ब्लड देने पर रोक लगा दी गई है। दरअसल, ईएमओ के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर कई-कई यूनिट ब्लड फ्री लेने के मामले पता चले तो पिछले महीने आदेश किया कि ईएमओ या कोई भी अधिकारी किसी भी समय ब्लड की जरूरत पड़ने पर उन्हें या डॉ. योगेंद्र नारायण वर्मा या डॉ. स्वप्निल को मोबाइल करें या ब्लड बैंक में जूनियर डॉक्टर को बताएं, तो तुरंत ब्लड मिलेगा। इस मामले में भी मैंने ब्लड दिया।

जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल  डॉ.नवनीत कुमार ने कहा कि 15 जून को इस मामले को देखूंगा। ऐसी व्यवस्था बनाई जाएगी जिसमें इस तरह का कोई पेशेंट आए तो रेजिडेंट (जूनियर डॉक्टर) खुद ब्लड बैंक को फोन करें ताकि जरूरतमंद को ब्लड मिल जाए। 
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