कानपुर के एक जानेमाने अस्पताल की लापरवाही एक बार फिर सामने है। इस बार कोई छोटी-मोटी चूक नहीं बल्कि जानबूझ कर की गई गलती पकड़ी गई है इसलिए इसे नजरअंदाज भी नहीं किया जा सकता।
दरअसल दो दिन पहले कानपुर के हैलट में एक अधेड व्यक्ति को बेहोशी की हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसी आदमी का शव रविवार को टंकी वाले पार्क में मिला।
भर्ती अधेड़ का शव रविवार सुबह टंकी वाले पार्क में कैसे पहुंचा...? यह जानने के लिए पूरी कोशिश की गई लेकिन यह गुत्थी नहीं सुलझी। मरीज वार्ड से कैसे पार्क पहुंचा, इसका पता नहीं लग सका है। फिलहाल, शव को पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया गया है।
सजेती पुलिस ने 27 जनवरी को बेहोशी की हालत में एक अधेड़ पुरुष को हैलट इमरजेंसी में मेडिसिन विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सौरभ अग्रवाल की यूनिट में भर्ती कराया था। 27 को ही उसे वार्ड नंबर -11 में शिफ्ट कर दिया गया था। 28 जनवरी को होश आने पर भी वह अपना नाम और पता नहीं बता पाया।
रविवार को सुबह इमरजेंसी के पीछे स्थित पानी की टंकी के पास पार्क में उसका शव मिला। आशंका व्यक्त की गई कि रात में वार्ड से जूनियर डॉक्टरों ने उसे भगा दिया। वहीं ठंड से उसकी मौत हो गई। डॉ. सौरभ अग्रवाल ने मरीज को वार्ड से भगाने की संभावना से इनकार किया है। बताया कि होश आने पर वह वार्ड से बाहर चला जाता था। अधेड़ की शिनाख्त नहीं हो पाई है।