इंदौर से गुवाहाटी जाने वाली कामाख्या एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में इलाज कराकर लौट रहे एक मुसाफिर की ट्रेन में ही हालत बिगड़ गई। सूचना पाकर जीआरपी ने उरई स्टेशन पर यात्री को उतारकर जिला अस्पताल भेजा। जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने पंचनामा कर शव परिजनों को सौंप दिया।
इंदौर से गुुवाहाटी जाने वाली कामाख्या एक्सप्रेस में इंदौर से इलाज कराकर मऊ जनपद के घोसी थाना क्षेत्र के ग्राम बरुहा निवासी अरविंद कुमार यादव (55) पुत्र झगड़ू यादव अपने भतीजे विवेकानंद यादव के साथ स्लीपर कोच एस 9 के नौ नंबर बर्थ से घर लौट रहे थे।
झांसी-कानपुर रेलवे ट्रैक पर जब ट्रेन मोंठ स्टेशन के पास पहुंची, तभी अरविंद की तबियत बिगड़ गई। भतीजे विवेकानंद ने ट्रेन के टिकट निरीक्षक को इसकी जानकारी दी। टिकट निरीक्षक ने झांसी कंट्रोल को अवगत कराया।
वहां से मिले मैसेज के आधार पर उरई स्टेशन पर तैनात स्टेशन मास्टर कुमार अंशुल ने रेलवे चिकित्सक व जीआरपी को जानकारी दी। अरविंद को गुरुवार रात एक बजे उरई स्टेशन पर उतार लिया गया। जहां रेलवे चिकित्सक ने यात्री को जिला अस्पताल ले जाने को कहा। जीआरपी के सिपाही भतीजे के साथ यात्री को जिला अस्पताल लेकर गए लेकिन वहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सके बाद जीआरपी ने पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है। मृतक के भतीजे विवेकानंद ने बताया कि उनके चाचा अरविंद गाजीपुर के जिला अस्पताल में फार्मासिस्ट के पद पर तैनात थे। उन्हें किडनी संबंधी बीमारी थी।