सरवनखेड़ा। गजनेर थाना क्षेत्र के पतरा में मंगलवार को झोपड़ी में आग लगने से पारुल (27) की जलकर मौत हो गई थी। वही उनके पति अजय गंभीर रूप से झुलस गए थे। बुधवार सुबह शव के अंतिम संस्कार को लेकर मायके पक्ष व ससुराल पक्ष के बीच मतभेद हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाने के बाद अंतिम संस्कार करवाया।
मंगलवार को पारुल के जले हुए शव का अकबरपुर में पोस्टमार्टम करवाया गया। जिसमें उसकी जलने व धुएं से दम घुटने की वजह से मौत होना पाया गया। साथ ही ट्रैकिया में भी कार्बन पाया गया। पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव को घर ले गए। वहां मौके पर पहुंचे जोधेपुर निवासी पारुल के पिता जयप्रकाश व परिजन रो-रोकर बेहाल रहे। बुधवार परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए मूसानगर के हालिया घाट पर ले गए। वहां मायके पक्ष के लोग शव को जलाए जाने तो मायके पक्ष के लोग शव 98 फीसदी जल जाने की बात कह नदी में प्रवाहित करने की जिद पर अड़ गए। इस पर पारुल के मामा के बेटे धर्मवीर ने 112 पर सूचना देकर पुलिस मौके पर बुलवा ली। पुलिस के समझाने के बाद दोनों पक्ष के लोग शांत हो गए और शव को नदी में प्रवाहित कर दिया।
इधर चचेरे भाई ने बताया कि अजय की हालत नाजुक बनी रहने के चलते उसको कानपुर रेफर किया गया था। यहां से पीजीआई लखनऊ रेफर किया गया है। बता दें कि मंगलवार दोपहर को पतरा निवासी अजय अपनी पत्नी पारुल के साथ झोपड़ी में सो रहा था।
दोपहर 12:40 बजे के करीब झोपड़ी में आग लगने व दीवार ढह जाने से पारुल मलबे में दब गई थी। उसको बचाने के प्रयास में अजय गंभीर रूप से झुलस गया था। जबकि पारुल की जलकर मौत हो गई थी। गजनेर थानाध्यक्ष सूर्यप्रताप सिंह ने बताया कि महिला के ससुरालीजन व मायके पक्ष में अंतिम संस्कार को लेकर मतभेद हुआ था।
दोनों पक्षों को समझा कर अंतिम संस्कार करवा दिया गया है। घटना के संबंध में अभी किसी भी पक्ष से कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।