कानपुर देहात/रसूलाबाद। पांडु नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा। इससे रसूलाबाद व शिवली क्षेत्र में नदी के आसपास के गांवों के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। करीब 17 गांव चपेट में हैं। पलिया-बास खेड़ा की सड़क जलमग्न है। कई घरों की चौखट तक पानी पहुंच गया है। एक घर से लोगों को परिवार के दूसरे घर में शिफ्ट कराया गया है। इधर खरीफ सीजन की धान, मक्का व बाजरा की फसलें भी जलमग्न हो गई हैं।
कई दिन से हो रही लगातार बारिश से पांडु नदी का जलस्तर बढ़ने का सिलसिला जारी है। नदी जलस्तर खेतों से निकलकर संपर्क मार्गों और आबादी तक पहुंचने लगा है। रसूलाबाद तहसील क्षेत्र में पलिया-बासखेड़ा की सड़क पूरी तरह जलमग्न हो गई है। सड़क पर पानी का बहाव तेज है। लोग जान जोखिम में डालकर जलमग्न सड़क से आवाजाही कर रहे हैं। जरा सी चूक से तेज बहाव में बह जाने का खतरा बना हुआ है। नदी के जलस्तर में वृद्धि से किसानों की कमर टूट गई है।
खिरिया, घाघू, मितई निवादा, गुदैला, अन्ता, अनी निवादा, बासखेड़ा, कसिगवा गांव तक पानी पहुंच गया है। कुर्सीखेड़ा, सुख्खापुरवा, भग्गा निवादा, भोलापुरवा, तोरना, मझगवां, खरगपुर और गंगादीन निवादा आदि गांवों में धान, मक्का और बाजरा की फसलें जलमग्न हैं। मेहनत व लागत से तैयार की फसलें आंखों के सामने बर्बाद होता देख किसान चिंतित हैं। तोरना गांव निवासी मोंटी दीक्षित ने बताया कि गांव के आसपास खेतों में पानी भर गया है। इससे खेत नहीं जा पा रहे हैं।
पलिया गांव निवासी आनंद ने बताया कि पलिया-बासखेड़ा की सड़क के ऊपर से पानी निकल रहा है। ऐसे में जान जोखिम में डालकर लोग निकल रहे हैं। जरा सी चूक से दुर्घटना का खतरा है। पलिया गांव निवासी राम लखन व रघुनाथ ने बताया कि हर साल बरसात में पांडु नदी बढ़ने पर परेशानी होती है। घरों के आसपास पानी पहुंचने से चिंता बढ़ गई है। भग्गा निवादा निवासी सलमान व सोनू कहते हैं कि खेतों में कई दिनों से पानी भरा है। फसल खराब हो रही है। जल्द नहीं उतरा तो सब कुछ बर्बाद हो जाएगा। स्कूल परिसर के साथ बाहर रास्ते तक जलभराव हो गया है।
इधर, प्रशासन ने पलिया बासखेडा संविलियन विद्यालय परिसर में बाढ़ चौकी स्थापित कराई है। एडीएम वित्त एवं राजस्व ने बृहस्पतिवार को पलिया-बासखेड़ा पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि एसडीएम अभिषेक कुमार, तहसीलदार पंकज उपाध्याय, राजस्व निरीक्षक अनिल कुमार और लेखपाल कोमल को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। पानी से घिरे एक मकान में रह रहे परिवार को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है।
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