उन्नाव विकास भवन स्थित पशुपालन विभाग में अभिलेख देखते डीएम
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पूरे कुएं में भांग घुली है। कुछ ऐसा ही नजारा सोमवार को उन्नाव विकास भवन का दिखा। जिलाधिकारी के औचक निरीक्षण में विभिन्न विभागों में अधिकारी-कर्मचारी मिलाकर 41 लोग गैरहाजिर मिले। सभी से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। डूडा के लेखाकार जीएस चौधरी को पान खाते देख उन्नाव के डीएम सुरेंद्र सिंह का पारा चढ़ गया। झल्लाए डीएम ने मौके पर ही लेखाकार से पांच सौ रुपये का जुर्माना वसुलवाया। इसके साथ ही जेई डीआरडीए के होंठ लाल देख नोटिस जारी करने के आदेश दिए।
सोमवार सुबह 10.20 बजे जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह अचानक विकास भवन पहुंच गए। पहुंचते ही गार्डों को गेट बंद करके किसी को भी अंदर न आने देने के निर्देश दिए। यहां से डीडीओ कार्यालय पहुंचे। यहां पर तीन कर्मचारी अनुपस्थित मिले। इसके बाद भूमि संरक्षण अधिकारी कार्यालय, जिला कृषि अधिकारी कार्यालय, समाज कल्याण में जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रिया सक्सेना समेत आधे से ज्यादा स्टाफ गैरहाजिर मिलीं। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी कार्यालय व सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता में भी कई स्टाफ गायब मिले। डीएम ने सभी का एक दिन का वेतन रोकने के साथ ही स्पष्टीकरण देने के आदेश दिए। डीएम को निरीक्षण के दौरान आरईएस के एक्सईएन एसएएच रिजवी, खंडीय लेखाधिकारी, सभी सहायक अभियंता व मुख्यालय जेई के साथ ही भूमि संरक्षण अधिकारी डीके वर्मा, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी आरबी सिंह व जिला समाज कल्याण अधिकारी विवेक बाजपेई भी अपनी कुर्सी पर नहीं मिले। इन सभी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। डीएम ने कमलेंद्र को तुरंत निलंबित करने के आदेश दिए।