फतेहपुर में पेंटिंग और मजदूरी करने वाले सॉल्वर बन गए। सॉल्वरों का वर्षों से स्कूल का कोई सरोकार नहीं है। डिग्रियां बंट रहीं हैं। कॉलेज के शिक्षक ज्ञानेंद्र और मनोज का सिंडीकेट फैला है।
फतेहपुर में पंडित दीनदयाल राजकीय इंटर कॉलेज में पकड़े गए सॉल्वरों से जिले में सक्रिय बड़े नकल सिंडीकेट का खुलासा हुआ है। जिन छात्रों की जगह परीक्षा दी जा रही थी वे सभी जिले के निवासी बताए जा रहे हैं लेकिन अधिकांश बाहर रह रहे हैं।
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चर्चा है कि यह गिरोह खाड़ी देशों में रह रहे अभ्यर्थियों तक की ठेके पर परीक्षा कराता है। पंजीकरण से लेकर परीक्षा केंद्र तक पूरी व्यवस्था सिंडीकेट संभालता है। इसके वास्तविक छात्र को आने की जरूरत नहीं पड़ती।
पकड़े गए पांचों सॉल्वर खागा तहसील क्षेत्र के हैं। परिजन के अनुसार गणेश पेंटिंग का काम करता है जबकि अन्य भी पेंटिंग और मजदूरी से जुड़े हैं। जिन परीक्षार्थियों की जगह परीक्षा दी जा रही थी उनमें शिव कुमार, सौरभ, गुलाम वारिस, आसिफ खान और मोहम्मद अफजल के बाहर रहने की जानकारी सामने आई है। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।
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जांच में एकारी के मनोज श्रीवास्तव और थरियांव के ज्ञानेंद्र श्रीवास्तव की भूमिका प्रमुख बताई जा रही है। मनोज डॉ. मेवराम दिव्य ज्ञान इंटर कॉलेज मुंराव में शिक्षक हैं। ज्ञानेंद्र एक विद्यालय का संचालक बताया जाता है। आरोप है कि दोनों मिलकर वर्षों से छात्रों को पास कराने का ठेका लेते रहे हैं।
कई छात्र विदेश या दूसरे राज्यों में नौकरी कर रहे हैं। वह भी 10 वीं-12वीं पास हो गए जबकि वे कभी स्कूल नहीं गए। एक छात्र को पास कराने के लिए 40 से 50 हजार रुपये तक वसूले जाने की चर्चा है।
सूत्रों के अनुसार थरियांव क्षेत्र का एक निषाद भी इस व्यवस्था में शामिल था जो विभिन्न विद्यालयों में प्रवेश दिलाकर असली परीक्षार्थियों की जगह सॉल्वर बैठवाता था।
आदर्श हायर सेकेंडरी स्कूल सीतापुर बहरामपुर के बारे में भी सामने आया है कि वहां कागजों में नामांकन दिखाकर छात्रों को पास कराया जाता रहा। पूरे प्रकरण से शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं और पुलिस अब नेटवर्क की सभी कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
विवेचना में बढ़ेंगे परीक्षार्थियों के नाम
जिन पांच परीक्षार्थियों की परीक्षा दी जा रही थी। उन्हें भी पुलिस विवेचना में शामिल करेंगी। परीक्षा शिव कुमार, मोहम्मद अफजल, सौरभ, गुलाम वारिस, आसिफ खान की दी जा रही थी। विवेचक सुरजीत कुमार ने बताया कि सभी छात्रों के निवास स्थान की जानकारी जुटाई जा रही है। इसके बाद सभी के नाम विवेचना दौरान प्रकाश में लाए जाएंगे।
परीक्षा केंद्र की शुचिता पर उठे सवाल
पंडित दीनदयाल उपाध्याय इंटर कॉलेज में चल रही हाईस्कूल परीक्षा की शुचिता को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। चार विषयों की परीक्षा में बाहरी छात्रों ने असली अभ्यर्थियों की जगह पेपर दिए लेकिन न केंद्र व्यवस्थापक और न ही सचल दल इस गड़बड़ी को पकड़ पाए।
इस मामले ने परीक्षा व्यवस्था की निगरानी और शिक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शनिवार को परीक्षा के पांचवें दिन पांच सॉल्वर पकड़े जाने के बाद पूरे नकल नेटवर्क का खुलासा हुआ। इससे पहले भी कई परीक्षाओं में दूसरे अभ्यर्थियों ने पेपर दिए लेकिन जांच टीमों की नजर नहीं पड़ी।
इस लापरवाही से शिक्षा विभाग की कार्यशैली की आलोचना तेज हो गई है। मामले में अब पुलिस और शिक्षा विभाग दोनों जांच में जुटे हैं। संबंधित जिम्मेदारों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। घटना से क्षेत्र के अभिभावकों और छात्रों में नाराजगी है और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग तेज हो गई है।