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अंग्रेजों के पिट्ठू थे राजाराम मोहन राय, हिंदू अपना इतिहास खुद लिखें- पद्मश्री नरेंद्र कोहली

Sun, 02 Dec 2018 07:00 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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  11वें राष्ट्रीय पुस्तक मेले में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे पद्मश्री नरेंद्र कोहली - फोटो : अमर उजाला
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कानपुर: हिंदी के वरिष्ठ साहित्यकार पद्मश्री नरेंद्र कोहली ने नवाबगंज स्थित सरयू नारायण बाल विद्यालय में समाज सुधारक राजाराम मोहन राय को अंग्रेजों का पिट्ठू बताया। वह यहां 11वें राष्ट्रीय पुस्तक मेले के शुभारंभ पर बतौर मुख्य अतिथि भाग लेने पहुंचे थे।
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मंच से उन्होंने कहा कि राय अंग्रेजों के हाथों बिके थे। इसी के चलते उन्होंने देश को दुनिया के सामने इस कदर पेश किया जैसे भारत में हर महिला असुरक्षित हो, हर महिला को सती के नाम पर जला दिया जाता हो जबकि हकीकत इसके विपरीत थी। 

कोहली ने कहा कि राय की भाभी (बड़े भाई की पत्नी) के साथ गलत हुआ था। उन्हें जला दिया गया था लेकिन इसका यह मतलब नहीं था कि पूरे देश में ऐसा होता था। कोहली ने हिंदी पुस्तकों को पढ़ने के लिए भी युवाओं को प्रेरित किया।
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हिंदुओं के इतिहास को अंग्रेजों और मुगलों ने गलत पेश किया

उन्होंने कहा कि आज जरूरत है कि बचपन से ही बच्चों में पढ़ने की आदत डाली जाए तभी उनके व्यक्तित्व का सही विकास हो पाएगा। इससे उनमें संस्कार होंगे और हमारी आने वाली पीढ़ी सही दिशा में चलेगी। इस दौरान लेखक अरुण प्रकाश अग्निहोत्री की पुस्तक ‘यादों के झरोखे से’ का विमोचन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार सुधाकर अदीब ने की। संचालन साहित्यकार कमल मुसद्दी ने किया।

कोहली ने कहा कि हिंदुओं ने कभी खुद का इतिहास नहीं लिखा। अंग्रेजों और मुगलों ने हिंदुओं के इतिहास को जैसा प्रदर्शित किया वैसा ही सभी ने स्वीकार कर लिया। सभी ने अपने तरह से हिंदुओं की व्याख्या की और हिंदुओं को गलत रूप से पेश किया। ऐसे में हिंदुओं को चाहिए कि वह अपना इतिहास खुद जानें और लिखें। सही इतिहास जानने के लिए धर्म ग्रंथ को उसकी मूल भाषा में पढ़ें।

मीडिया, साहित्यकार और फिल्में भाषा खराब कर रहीं
नरेंद्र कोहली ने हिंदी भाषा के गिरते स्तर के लिए मीडिया, आज के साहित्यकारों और फिल्मों को जिम्मेदार ठहराया। कहा कि इन सभी ने अपनी-अपनी सुविधानुसार भाषा को खराब कर रखा है। कब, कहां, क्या और किस भाषा का प्रयोग करना है ये भी इन्हें नहीं मालूम। ऐसे में भाषा का स्तर तभी सुधरेगा जब ये लोग खुद में बदलाव लाएंगे।
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