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पीएसी के प्रशिक्षु जवान ने की आत्महत्या, स्नानागार में चादर से बने फंदे पर लटका मिला शव

Sun, 08 Dec 2019 08:26 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा
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यूपी पुलिस - फोटो : अमर उजाला
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इटावा में 28वीं वाहिनी पीएसी के प्रशिक्षु जवान ने शनिवार रात स्नानागार में चादर के फंदे से फांसी लगाकर जान दे दी। आत्महत्या का कारण अब तक साफ नहीं हुआ है। मौके से कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। आगरा जिले के खेड़ा थाना क्षेत्र के अटा रसूलपुर गांव निवासी देशराज (24) पुत्र गोपीचंद 28वीं वाहिनी पीएसी परिसर में छह महीने का प्रशिक्षण ले रहा था।

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इसी परिसर में मौजूद बैरक में वह 23 अन्य प्रशिक्षुओं के साथ रह रहा था। पीएसी के सहायक कमांडेंट जगमोहन यादव ने बताया कि गत शनिवार रात को देशराज ने स्नानागार में जाकर फांसी लगा ली। एएसपी सिटी रामयश सिंह ने बताया कि उसने फांसी लगाने के लिए अपनी ओढ़ने वाली चादर का इस्तेमाल किया। रविवार सुबह करीब पौने छह बजे बैरक के प्रशिक्षु साथी स्नानागार में गए तो देशराज का शव फंदे पर लटका मिला।
 

हड़बड़ाए साथियों ने अधिकारियों को सूचना दी। शव को उतारकर एक तखत पर रखा गया। पीएसी से ही परिजनों को खबर दी गई। मृतक के मजदूर पिता गोपीचंद्र व उसके ताऊ का पुत्र भीकम सिंह आदि परिजन मौके पर पहुंचे। फ्रेंड्स कालोनी थाना पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। सहायक कमांडेंट ने बताया कि आत्महत्या करने की वजह साफ नहीं हुई है।

न ही शव के पास कोई सुसाइड नोट मिला है। उसके साथ रह रहे लोगों से भी मालूमात की गई। इसमें भी कोई ऐसी बात सामने नहीं आई कि जिससे आत्महत्या की वजह साफ हो सके। कल रात देशराज ने अपने पिता से भी बात की थी। वह परिवार के अन्य लोगों से भी निरंतर बातचीत करता रहता था। तब अचानक मन में ऐसा क्या विचार आया कि उसने इतना बड़ा कदम उठा लिया। 

 
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16 दिसंबर को पूरी हो रही थी ट्रेनिंग
देशराज की पीएसी जवान के रूप में गत 5 मई को नियुक्ति हुई थी। उसके छह महीने का प्रशिक्षण 16 दिसंबर को पासिंग आउट परेड के साथ पूरा हो रहा था। 28वीं वाहिनी पीएसी परिसर में कुल 159 जवान प्रशिक्षण ले रहे हैं। देशराज एक बैरक में 23 प्रशिक्षुओं के साथ रह रहा था। सहायक कमांडेंट ने बताया कि देशराज शांत स्वभाव का था। उसका कभी किसी से कोई झगड़ा नहीं हुआ। 

खुदकुशी नहीं कर सकता भाई
देशराज के ताऊ के पुत्र भीकम सिंह ने कहा कि रविवार सुबह करीब छह बजे पीएसी की ओर से आए फोन से इसकी जानकारी मिली। सुबह 9 बजे परिजन इटावा आ गए थे। उन्होंने कहा कि उसका भाई खुदकुशी नहीं कर सकता। वह बहुत मेहनती था। अफसर खुदकुशी करने की बात कर रहे हैं, जो उसके गले नहीं उतर रही। जरूर कोई और बात है, जो अभी सामने नहीं आई है।

भीकम सिंह ने बताया कि पीएसी में नौकरी मिलने से पूर्व देशराज रेलवे की चतुर्थ श्रेणी परीक्षा भी पास कर चुका था। लेकिन पहले पीएसी का कॉल लेटर आ गया, इसलिए रेलवे की नौकरी छोड़ दी। बीएससी उत्तीर्ण देशराज बीटीसी का एक साल प्रशिक्षण कर चुका था। ऐसी कोई परेशानी नहीं थी कि जिस वजह से वह आत्महत्या करता। परिवार में चर्चा करके आगे क्या करना है, इसका निर्णय लेंगे। मृतक का छोटा भाई व बड़ी बहन अभी पढ़ रही है। पिता मजदूरी करते हैं। अभी किसी की भी शादी नहीं हुई है।
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