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कानपुर में इंटरलॉकिंग कार्य ने बढ़ाई रेलयात्रियों की मुश्किलें, कोहरा भी थाम रहा ट्रेनों के पहिए

Sun, 08 Dec 2019 05:23 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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ट्रेन - फोटो : अमर उजाला
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दिसंबर में लंबी दूरी की ट्रेनों में लंबी वेटिंग और नो रूम की स्थिति है। कानपुर के गोविंदपुरी-भीमसेन रेल खंड पर इंटरलॉकिंग के कार्य के कारण आगरा कैंट-लखनऊ इंटरसिटी समेत इस रूट की 75 ट्रेनें निरस्त हैं। कानपुर-लखनऊ के मध्य 10 पैसेंजर ट्रेनें भी कोहरे के कारण निरस्त चल रही हैं। ऐसे में यात्रियों का इस माह ट्रेनों का सफर मुश्किल भरा हो गया है।
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तमिलनाडु एक्सप्रेस में 10 से 15 दिसंबर तक स्लीपर में वेटिंग 102 तक है, वहीं थर्ड एसी में रिग्रेट की स्थिति है। सचखंड एक्सप्रेस (अमृतसर-नांदेड़) में 13 जनवरी तक स्लीपर में जगह नहीं है। स्लीपर में वेटिंग 100 से ज्यादा है।

सेकेंड एसी और फर्स्ट एसी में भी आरक्षित सीट नहीं है। पंजाब मेल में भी वेटिंग की लंबी कतार है। मंगला लक्षद्वीप एक्सप्रेस में अगले सप्ताह तक आरक्षित सीट मिलना मुश्किल है। 10, 11, 12 दिसंबर में रिग्रेट और 13, 14, 15 दिसंबर में वेटिंग है।
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केरला एक्सप्रेस, गोवा एक्सप्रेस में भी 150 से अधिक वेटिंग पहुंच गई है। जिन यात्रियों को आवश्यक कार्यों से यात्री करनी है, वह तत्काल कोटे के लिए परेशान हैं, लेकिन वह भी आसानी से नहीं मिल पा रहा है।

रेलवे ने यात्रियों की सहूलियत के लिए झांसी-जम्मूतवी स्पेशल ट्रेन 20 दिसंबर से चलाई है। इसका ठहराव आगरा कैंट पर है। इसी तरह 10 ट्रेनों में एसी के अतिरिक्त कोच भी लगाए हैं, लेकिन यह यात्रियों के लिए नाकाफी है। रेल परामर्शदात्री समिति के सदस्य सतीश गोयल का कहना है कि रेलवे को अभी कोहरे वाली गाड़ियों के निरस्तीकरण को टाल देना चाहिए।
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